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Press Information Bureau

Government of India

Date

December 24, 2018

वर्ष 2018 के दौरान आयुष मंत्रालय की उपलब्धियां

                     वर्षांत समीक्षा 2018- आयुष मंत्रालय
अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए)- भाग II की शुरूआत—राष्ट्रीय होम्योपैथी संस्थान की स्थापना की जाएगी

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम देहरादून में आयोजित किया गया-प्रधानमंत्री के साथ करीब 50 हजार लोगों ने योग किया

होम्योपैथी केन्द्रीय परिषद् (संशोधन) अधिनियम, 2018 प्रभाव में आया

 सी-डैक के साथ मिलकर आयुष पेशेवरों के लिए आईटी शिक्षा की शुरूआत की गई

वर्ष 2018 में आयुष मंत्रालय अपनी बहुपक्षीय रणनीति के माध्यम से भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में विशेष रूप से आयुर्वेद और होम्योपैथी को वैकल्पिक प्रणाली के रूप में लाने में सक्षम रहा है। वर्ष के दौरान, आयुष प्रणाली में सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग को प्रमुखता दी गई है, नए अस्पताल और अनुसंधान केंद्र खोले गए और देश भर में तथा विदेशों में भी इस पारंपरिक प्रणाली के लाभों को प्रचारित-प्रसारित करने के लिए कई हितधारकों जैसे कई मंत्रालयों एवं विभिन्न देशों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

मंत्रालय देश में चिकित्सा सुविधाओं की मांग और आपूर्ति के बीच के अंतर को कम करने के उद्देश्य से दवाओं की वैकल्पिक प्रणाली का प्रचार, प्रसार और लोकप्रिय बनाना जारी रखे हुए है। वर्ष के दौरान आयुष मंत्रालय की मुख्य गतिविधियों के तहत महत्वपूर्ण उपलब्धियां और विवरण निम्नलिखित हैं:-

महत्वपूर्ण सुधार

केंद्र सरकार ने 18 मई, 2018 को होम्योपैथी केन्द्रीय परिषद् (संशोधन) अध्यादेश, 2018, (2018 का नंबर 4) जारी किया। अध्यादेश के माध्यम से, होम्योपैथी प्रणाली की सांविधिक नियामक निकाय, केंद्रीय होम्योपैथी परिषद (सीसीएच), ने होम्योपैथी शिक्षा के क्षेत्र में आवश्यक सुधार लाने और होम्योपैथी चिकित्सा शिक्षा के भी क्षेत्र में मानकों में सुधार के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने हेतु बोर्ड ऑफ गवर्नर्स द्वारा अधिग्रहित किया गया है।

आयुष कॉलेजों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने एवं गुणवत्ता और कार्यप्रणाली में सुधार करने के उद्देश्य से राष्ट्रपति ने 18 मई, 2018 को होम्योपैथी केंद्रीय परिषद् (संशोधन) अध्यादेश, 2018 को निम्नलिखित उद्देश्यों के साथ जारी किया था: –

(अ) होम्योपैथी केंद्रीय परिषद् का अधिग्रहण करके बोर्ड ऑफ गवर्नर्स का गठन करने के लिए केंद्रीय परिषद् के अधिग्रहण की तारीख से एक वर्ष की अवधि के भीतर एक नई केंद्रीय परिषद् विधिवत रूप से बनाई गई थी;

(ब) सभी होम्योपैथी मेडिकल कॉलेजों प्रवेश के लिए केंद्र सरकार की पूर्व अनुमति प्राप्त करने का प्रावधान किया गया।

अध्यादेश को अधिनियम द्वारा बदलने के लिए, मंत्रालय ने संसद के मानसून सत्र के दौरान केंद्रीय होम्योपैथी परिषद् (संशोधन) विधेयक, 2018 को रखा था। इसे 13 अगस्त, 2018 को राष्ट्रपति द्वारा अनुमोदित किया गया था और संबंधित अधिनियम, केंद्रीय होम्योपैथी परिषद् (संशोधन) अधिनियम, 2018 को 2018 के अधिनियम संख्या 23 के रूप में भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया गया।

केंद्रीय संस्थानों की स्थापना

केन्द्रीय आयुष राज्यमंत्री श्री श्रीपद यशो नाईक ने 16 अक्टूबर 2018 को दिल्ली के नरेला में राष्ट्रीय होम्योपैथी संस्थान (एनआईएच) की आधारशिला रखा।

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इस परियोजना पर कुल व्यय करीब 259.12 करोड़ रूपये रखा गया। इस वर्ष दिल्ली के सरिता विहार में अघिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान-भाग II (एआईआईए) की शुरूआत की गई, जिसकी कुल परियोजना लागत 209.33 करोड़ रूपये है।

आयुष क्षेत्र में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) का उपयोग

  1. सी-डैक के साथ मिलकर आयुष पेशेवरों के लिए आईटी शिक्षा की शुरूआत की गई।

2. आयुष मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज की है। आयुष प्रणाली के बारे में आम लोगों को विभिन्न स्तरों पर लाभ उठाने के लिए आयुष प्रणाली को मंत्रालय के विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों जैसे फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, ब्लॉग और ट्विटर पर और mygov प्लेटफॉर्म के माध्यम से बढ़ावा दिया गया है।

3. मंत्रालय डिजिटल इंडिया मिशन के तहत क्लाउड आधारित आयुष ग्रिड भी विकसित कर रहा है। सभी आयुष शिक्षण संस्थान, अस्पताल और उद्योग आयुष ग्रिड से जुड़े होंगे।

4. आयुष मंत्रालय 25 वें सप्ताह (16-22 जून, 2018) के दौरान 14,731 प्रविष्टियों के साथ ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बीएआरसी) के टॉप 10 ब्रांडों में शीर्ष स्थान पर था।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एमओयू

  • मॉरीशस विश्वविद्यालय और आयुष मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला स्वायत्त संस्थान केन्द्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद् (सीसीआरएएस) के बीच आयुर्वेद में आयुष अकादमिक चेयर स्थापित करने के लिए 14 मार्च 2018 को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे।
  • 8 अप्रैल, 2018 को मेडिसिन की पारंपरिक प्रणाली के क्षेत्र में सहयोग पर इक्वेटोरियल ग्वेना सरकार के स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण मंत्रालय एवं भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के बीच एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए थे।
  • 22 जून, 2018 को मेडिसिन और होम्योपैथी की पारंपरिक प्रणालियों के क्षेत्र में सहयोग पर आयुष मंत्रालय और क्यूबा गणराज्य के स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच द्विपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए थे।
  • आयुर्वेद के क्षेत्र में सहायता और सहयोग बढ़ाने के लिए ऑस्ट्रिया में आयुष मंत्रालय के अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) और ऑस्ट्रिया के ग्राज़, स्थित ग्राज मेडिकल यूनिवर्सिटी के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए थे।
  • 5 रेलवे अस्पतालों में आयुष शाखा की स्थापना के लिए आयुष मंत्रालय एवं रेल मंत्रालय के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इससे रेल मंत्रालय में आयुष स्नातकों को नौकरी के दरवाजे भी खुलेंगे। आयुष मंत्रालय ने स्पॉल्डिंग पुनर्वास अस्पताल, बोस्टन, यूएसए और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल, यूएसए के साथ एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किया।

योग-एक जन आंदोलन

  • पूरे देश में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई) के उत्सव के लिए नोडल मंत्रालय, आयुष मंत्रालय, ने देश के विभिन्न भागों में आईडीवाई-2018 को सफलतापूर्वक समन्वयित किया।2018083129d5e6654042825fb773dbd7e07b9187dad8b12234-tc-img-preview
  • मुख्य कार्यक्रम वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई), देहरादून, उत्तराखंड में आयोजित किया गया था, जहां प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साथ करीब 50 हजार लोगों ने योग में भाग लिया था। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में आम लोगों के अलावा केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के कर्मियों, राष्ट्रीय कैडेट कॉर्प (एनसीसी) कैडेट, विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के छात्र, नेहरू युवक केंद्र (एनवाईके), राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), और विभिन्न योग संस्थानों ने इसमें भाग लिया।
  • राष्ट्रीय राजधानी (दिल्ली) में योग कार्यक्रमों की एक पूरी श्रृंखला आयोजित की गई। नई दिल्ली नगर परिषद् (एनडीएमसी) और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने क्रमशः 4 और 3 कार्यक्रम आयोजित किए थे। इसके अलावा, लाल किले में ब्रह्मकुमारियों द्वारा एक और वृहत आयोजन किया गया था, जहां लगभग 30,000 प्रतिभागी थे, जिसमें 2000 महिला पुलिस बल भी शामिल था। कुल मिलाकर, लगभग 65,000 लोगों ने दिल्ली में भाग लिया।

प्रधानमंत्री योग पुरस्कार

  • इस आईडीवाई की मुख्य विशेषता प्रधानमंत्री योग पुरस्कार की घोषणा है। योग के विकास और प्रचार की दिशा में अनुकरणीय योगदान के लिए प्रत्येक वर्ष ये पुरस्कार दिए जाते हैं। इस वर्ष का पुरस्कार एक व्यक्ति और एक संस्थान को प्रदान किया गया है, जो निम्नलिखित है:

(i) श्री विश्वास वसंत मांडलिक, नासिक (राष्ट्रीय – व्यक्तिगत श्रेणी)

(ii) योग संस्थान, मुंबई (राष्ट्रीय – संस्थान श्रेणी)

  • योग राजदूतों की यात्रा: योग राजदूतों का दौरा 14 जून, 2018 को केरल पर्यटन के सहयोग से आयोजित किया गया था। 22 देशों के 52 प्रतिभागी इस योग टूर में शामिल किए गए थे। यह दौरा 21 जून, 2018 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के दिन आयोजित भव्य समारोह के साथ समाप्त हुआ था।
  • योग और प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान केंद्र (सीसीआरईएन) के माध्यम से आयुष मंत्रालय ने आईडीआई से पहले सरकारी संगठनों / गैर सरकारी संगठनों के माध्यम से पूरे देश के लगभग 600 जिलों में एक महीने का मुफ्त योग प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया था। इसने देश के विभिन्न हिस्सों में इंडियन मेनोपोज सोसाइटी के सहयोग से 40 वर्ष से अधिक के आयु वर्ग में महिलाओं के लिए योग पर 11 एक दिवसीय कार्यशाला का भी आयोजन किया था।
  • अंतर्राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संगठन (आईएनओ) ने आईडीवाई-2018 के दौरान योग में 51 लाख से ज्यादा लोगों को प्रशिक्षित किया था। पंजाब, हरियाणा, यूपी आदि जैसे कई राज्य सरकारों ने बड़ी संख्या में इस अवसर पर लोगों को प्रशिक्षित किया।
  • मंत्रालय द्वारा तैयार दो मोबाइल प्रौद्योगिकी आधारित एप्लीकेशन, अर्थात् भुवन-योगा (इसरो द्वारा विकसित) और योग लोकेटर, ने आईडीवाई-2018 के जुड़ाव में महत्वपूर्ण योगदान दिया। पहले वाले ऐप ने विभिन्न स्थानों पर भागीदारी की संख्या का आकलन करने में मदद की और बाद वाले ऐप ने जनता को उनके आस-पास की घटनाओं का पता लगाने में मदद की। आईडीई-2018 में भागीदारी की संख्या को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करने के लिए एकत्र किए गए आंकड़ों का विश्लेषण और सांख्यिकीय भी किया जा रहा है।

राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम

आयुष मंत्रालय के तहत आने वाले स्वायत्त संस्थान, मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (एमडीएनआईवाई), ने 21-23 मार्च, 2018 के दौरान अंतर्राष्ट्रीय योग उत्सव एवं 19-20 मार्च 2018 के दौरान प्रतिष्ठित योग शिक्षकों द्वारा योग कार्यशालाओं का आयोजन एमडीएनआईवाई  तथा एसएआई स्टेडियमों के योग केन्द्रों में आयोजित किया। आईवाईएफ का मुख्य उद्देश्य 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम के बारे में लोगों को संवेदनशील बनाना था। 19-20 मार्च, 2018 के दौरान कुल 120 कार्यशालाएं आयोजित की गईं, जहां 5000 साधकों को लाभ मिला। आईवाईएफ-2018 में विश्व के 16 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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आयुष मंत्रालय ने 17-18 जुलाई 2018 को आयुष से संबंधित सभी राष्ट्रीय संस्थानों के प्रमुखों का शिक्षा, अनुसंधान एवं स्वास्थ्य सुविधा के स्तर को बढ़ाने, राष्ट्रीय संस्थानों के बुनियादी ढांचे और गतिविधियों को सामंजस्य और तर्कसंगत बनाना; स्थायी विकास के लिए फंड और संसाधन सृजन करना; और राष्ट्रीय संस्थानों के बीच नेटवर्किंग और सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से एक सम्मेलन आयोजित किया था। विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के अलावा, अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, सरिताविहार और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, नई दिल्ली के बीच आयुर्वेद के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास तथा सहयोग और सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस सत्र के दौरान आयुर्वेद के माध्यम से पूर्व-वैचारिक और प्रसव पूर्व देखभाल पर मानक संचालन प्रक्रियाओं के विकास के लिए प्रोटोकॉल और उत्तरावस्ती के मानक संचालन प्रक्रियाओं को जारी किया गया।

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आयुष मंत्रालय द्वारा पणजी, गोवा में “सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए योग पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन” का आयोजन किया गया था। सम्मेलन में 11 देशों के 20 योग विशेषज्ञों सहित 600 भारतीय और विदेशी प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम ने विदेशी प्रतिभागियों को योग के विभिन्न आयामों को जानने और समझने एवं उन्हें अपने संबंधित देशों में आगे प्रचार करने के लिए जानकारी दी गई।

राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (एनएमपीबी)

आयुष दवाओं के लिए औषधीय पौधों की कच्ची सामग्री की उपलब्धता और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए, “औषधीय पौधों के संरक्षण, विकास और सतत प्रबंधन पर केंद्रीय योजना” के तहत राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (एनएमपीबी) जंगलों में औषधीय पौधों के संसाधनों को बढ़ा रहा है और राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) की केंद्रीय प्रायोजित योजना के तहत किसानों को इस क्षेत्र में खेती करने के लिए बढ़ावा दे रहा है। एनएमपीबी की प्रमुख उपलब्धियाँ निम्नलिखित हैं:

  • एनएमपीबी ने राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केन्द्र, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (आईएसआरओ) के सहयोग से औषधीय पौधों से संबंधित विभिन्न गतिविधियों को करने के लिए एनएमपीबी द्वारा वित्तपोषित संगठनों की जियो-टैगिंग और निगरानी के लिए ई-भुवन मोबाइल ऐप विकसित किया।
  • एनएमपीबी ने औषधीय पौधों के क्षेत्र में निगरानी और रणनीतिक निर्णय लेने में अंतरिक्ष आधारित उपकरणों के प्रयोग हेतु राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केन्द्र, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (आईएसआरओ) का सहयोग ले रहा है।

अन्य उपलब्धियां

  • मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (एमडीएनआईवाई) के परामर्श से अलग-अलग समूहों, जैसे गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं, किशोरियों और 3-6 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए योग प्रोटोकॉल विकसित किए गए। पोशन अभियान में इसी प्रोटोकॉल का उपयोग करने के लिए महिला और बाल विकास मंत्रालय को भेजा गया था।
  • आयुष अस्पताल खोलने के लिए आयुष मंत्रालय द्वारा की गई पहल के तहत, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) ने क्यामकुलम, कोडलम, तपोवन, विंध्याचल और फरक्का में पांच आयुष केंद्र स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की है।
  • विद्युत मंत्रालय ने एनटीपीसी के सहयोग से देश के विभिन्न भागों क्यामकुलम, कोडलम, तपोवन, विंध्याचल और फरक्का में पांच आयुष केंद्र स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की है।
  • एएसयू एंड एच दवाओं का फार्मा-को-विजिलेंस: “एएसयू एंड एच ड्रग्स के लिए फार्मा-को-विजिलेंस पहल” की एक केंद्रीय योजना आयुष मंत्रालय द्वारा वित्तीय वर्ष 2017-18 से लागू की गई है। इस योजना ने तहत वित्तीय वर्ष 2018-19 में कार्यान्वयन के लिए अनुमोदित 1.66 करोड़ रुपये के वित्तीय आवंटन के साथ 05 मध्यस्थ और 43 परिधीय केंद्रों से गुणवत्ता पहलुओं पर रिपोर्ट एकत्र करने के लिए एक राष्ट्रीय फार्मा-को-विजिलेंस समन्वय केंद्र की स्थापना की गई है।
  • एनएबीएच प्रमाणन: पहली बार, आयुष मंत्रालय ने अपने निरंतर प्रयासों के माध्यम से एनएबीएच प्रमाणित अस्पतालों जैसे राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान, पुणे, महाराष्ट्र, राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा संस्थान, बैंगलोर, कर्नाटक, राष्ट्रीय योग संस्थान, दिल्ली और राष्ट्रीय सिद्ध संस्थान, चेन्नई, की स्थापना की है। आयुष मंत्रालय ने गुणवत्ता और सुरक्षा पहलुओं को बढ़ाने की दृष्टि से एनएबीएच मानकों को मान्यता देने के लिए आयुष अस्पतालों के लिए इसे अनिवार्य बना दिया है। अब तक कुल 62 आयुष अस्पतालों को एनएबीएच मान्यता मिल चुका है।

आयुष” को अंग्रेजी भाषा में भी जगह मिला

आयुष मंत्रालय के प्रस्ताव के अनुसरण में वैज्ञानिक और तकनीकी उद्देश्यों के लिए आयोग ने वैज्ञानिक और तकनीकी शब्दावली शब्द “आयुष” को हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में अपनाने का फैसला किया है। आयोग द्वारा अनुमोदित, “आयुष” शब्द का अर्थ “स्वास्थ्य देखभाल और हीलिंग के पारंपरिक और गैर-पारंपरिक प्रणाली जैसे आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा रिग्पा, होम्योपैथी आदि” शामिल हैं।

अनुसंधान परिषदों की प्रमुख गतिविधियाँ:

नई दवाओं का विकास और व्यवसायीकरण:

सीसीआरएएस ने विभिन्न रोग की स्थितियों के लिए नई दवाओं का विकास किया है। जो हैं- मानसिक मंदता के लिए आयुष मानस है, कैंसर रोगियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए आयुष क्यूओएल, जेरिएट्रिक (पेट संबंधी) स्वास्थ्य के लिए आयुष रसायन ए और बी, माइग्रेन के लिए आयुष एम-3, फाइलेरिया के लिए आयुष एसएल, ब्रोन्कियल अस्थमा के लिए आयुष ए, टाइप टू डायबिटीज मिलेटस के लिए आयुष डी, कैंसर के लिए कैक्टोल एस, क्रोनिक किडनी रोगों के लिए आयुष के1, नॉन-अल्कोहलिक फैटी लीवर रोग के लिए आयुर्वेद की दवा और हेपेटोप्रोटेक्शन के लिए एटीटी के सहायक के रूप में आयुर्वेद दवा है। इन दवाओं का विभिन्न चरणों में हो रहा है।

दवाओं का व्यवसायीकरण:

  • इसके अलावा सीसीआरएएस ने पहले से ही विकसित उत्पादों जैसे कि टाइप -II मधुमेह के लिए आयुष -82 और रुमेट्वाइड गठिया एनआरडीसी के लिए आयुष एसजी का पिछले दो वर्षों से व्यवसायीकरण कर रखा है और अब ये पहले से ही आम जनता के लिए बाजार में उपलब्ध हैं जो लागत प्रभावी हैं और लोग इनका उपयोग मधुमेह और रुमेट्वाइड गठिया के लिए कर रहे हैं। परिषद ने आयुष 64 का भी व्यवसायीकरण किया हुआ है।
  • केन्द्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद् (सीसीआरएएस) के सहयोग से क्लीनिकल अनुसंधान, मेडिसिनल प्लांट अनुसंधान ड्रग मानकीकरण, लिटरेरी अनुसंधान में एक-एक परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। अक्टूबर, 2018के दौरान कुल 4 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं।
  • केन्द्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद् (सीसीआरएएस) ने एक आईएमआर परियोजना में क्लीनिकल (नैदानिक) अनुसंधान पूरा कर लिया है। दवाओं के मानकीकरण कार्यक्रम की एक आईएमआर परियोजना और क्लिनिकल अनुसंधान की एक आईएमआर परियोजना शुरू की गई है।
  • केन्द्रीय सिद्ध अनुसंधान परिषद् (सीसीआरएस) के अधिकारियों ने भाग लिया और डॉ एपीआर अब्दुल कलाम की 87 वीं वर्षगांठ के अवसर पर पहली राष्ट्रीय जैव-चिकित्सा अनुसंधान प्रतियोगिता में “मुप्पू के भू-रासायनिक लक्षण” नामक आईएमआर परियोजना के अनुसंधान कार्य को प्रस्तुत किया जिसे एम्स, ऋषिकेश द्वारा 15 अक्टूबर, 2018 को आयोजित किया गया था और योंग शोधकर्ता का पुरस्कार भी जीता।
  • स्वास्थ्य रक्षण कार्यक्रम को 3 राज्यों एवं 2 केंद्र शासित प्रदेशों में 7 सीसीआरएस संस्थानों/इकाइयों के माध्यम से निष्पादित किया गया है। इसमें 12 स्थानों शामिल किया गया और लोगों को स्वच्छता और स्वास्थ्य के बारे में चिकित्सीय देखभाल एवं जागरूकता भी प्रदान किया गया है।
  • भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के सहयोग से केन्द्रीय सिद्ध अनुसंधान परिषद् (सीसीआरएस) ने 28-29 सितंबर 2018 को शेनॉय नगर, चेन्नई के अम्माअंगम कम्युनिटी हॉल में “चिकित्सा की सिद्ध प्रणाली की वैश्विक स्वीकृति: विस्तार और चुनौतियां” विषय पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया था।

मनाए गए प्रमुख दिवस

  • आयुष मंत्रालय ने केन्द्रीय सिद्ध अनुसंधान परिषद् (सीसीआरएस), चेन्नई के माध्यम से लोगों को चिकित्सा की सिद्ध प्रणाली के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए 4 जनवरी, 2018 को चेन्नई के डॉ. एमजीआर मेडिकल यूनिवर्सिटी में प्रथम सिद्ध दिवस का आयोजन किया।
  • केंद्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने नई दिल्ली में 10 और 11 फरवरी 2018 को यूनानी दिवस के अवसर पर यूनानी चिकित्सा पर एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का भी आयोजन किया था। सम्मेलन का विषय “मुख्यधारा की स्वास्थ्य सेवा में यूनानी चिकित्सा पद्धति का समाकलन” था। इस सम्मेलन में करीब 440 पेशेवरों ने भाग लिया। सम्मेलन में 12 देशों के अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। यूनानी चिकित्सा की विभिन्न श्रेणियों में कुल 10 आयुष पुरस्कार वितरित किए गए।
  • तृतीय आयुर्वेद दिवस, 2018 के जश्न के अभिन्न अंग के रूप में, परिषद ने सीसीआरएएस मुख्यालय में 16.09.2018 (50 दिनों के लिए) और देश भर में इसके अंतर्गत कार्यरत सभी 30 अनुसंधान संस्थानों और केंद्रों में आयुर्वेद काउंटडाउन कॉर्नर की स्थापना की है। मुख्य गतिविधियों में जैसे आयुर्वेद और इसके महत्व पर सार्वजनिक व्याख्यान, औषधीय पौधों की प्रदर्शनी, आधे दिन का मैराथन और औषधीय पौधों का मुफ्त वितरण आदि शामिल हैं। इस अवसर पर, “सोशल मीडिया सचिवालय” का औपचारिक उद्घाटन भी किया गया।
  • आयुष मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के दिशानिर्देशों के अनुसार आयुष मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले सभी अस्पतालों/डिस्पेंसरियों, शिक्षण संस्थानों, अनुसंधान परिषदों और उनकी परिधीय इकाइयों में सितंबर का महीना “पोषण माह” के रूप में मनाया गया था। राज्यों के विभिन्न आयुष अस्पतालों / औषधालयों, राष्ट्रीय आयुष संस्थानों / शिक्षण संस्थानों और पांच शोध परिषदों एवं उनकी फील्ड इकाइयों ने किशोर लड़कियों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली महिलाओं और बच्चों के लिए विभिन्न पोषण और स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए। शिविरों की सफलता क गतिविधियों को यूनिसेफ की एक टीम ने भी अपनी वीडियो टीम के साथ मिलकर 15 सितंबर 2018 को केन्‍द्रीय आयुर्वेदीय हृदयरोग अनुसंधान संस्‍थान, नई दिल्‍ली में कवर किया।

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वर्ष 2018 के दौरान पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास मंत्रालय की उपलब्धियां

                वर्षांत समीक्षा 2018 : पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास मंत्रालय

पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में सरकार की पहल

पूर्वोत्‍तर के लिए नीति फोरम का गठन, राष्ट्रीय बांस मिशन की घोषणा, सिक्किम अब भारत के हवाई लिंक मानचित्र पर 

 डिजिटल पूर्वोत्‍तर दृष्टि पत्र 2022 जारी 

                    प्रधानमंत्री ने भारत के पहले राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी

वर्ष 2018 के दौरान पूर्वोत्‍तक्षेत्र के विकास के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

पूर्वोत्‍तर के लिए नीति फोरम: एनईआर के विकास पर ध्‍यान केंद्रित किया

·         सरकार ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के लिए योजना तैयार करने के लिए नीति आयोग के वाइस-चेयरमैन एवं पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के सचिव की सह-अध्‍यक्षता में नीति आयोग में एक विशेष फोरम बनाने के लिए 21 फरवरी को आदेश जारी किया। यह फोरम केंद्र एवं राज्य दोनों स्तर पर विभिन्न प्रस्तावों की जांच करता है और पूर्वोत्‍तर क्षेत्र के तेजी से विकास के लिए येजनाएं बनाता है।

·         नवगठित ‘पूर्वोत्‍तर के लिए नीति फोरम‘ की पहली बैठक 10 अप्रैल को त्रिपुरा के अगरतला में हुई थी।

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उस बैठक का आयोजन नीति आयोग, पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास मंत्रालय और एनईसी द्वारा किया गया। फोरम ने प्रस्‍ताव दिया कि पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में विकास परियोजनाएं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कथन के अनुसार ‘एचआईआरए’ (राजमार्ग, अंतर्देशीय जलमार्ग, रेलवे और एयरवेज) की अवधारणा पर आधारित होंगी। इस क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं कौशल विकास पर भी जोर दिया जाएगा।

·         गुवाहाटी में 4 दिसंबर को ‘पूर्वोत्तर के लिए नीति फोरम‘ की एक अन्‍य बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र की सहायता से पूर्वोत्तर बांस उद्योग पर व्‍यापक तरीके से ध्यान केंद्रित करेगा क्योंकि यह एक ऐसा क्षेत्र है जिस ओर प्राप्त ध्‍यान नहीं दिया गया है जबकि यह एक तथ्‍य है कि भारत का 60 प्रतिशत से अधिक बांस इसी क्षेत्र में उगाया जाता है।

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राष्‍ट्रीय बांस मिशन

·         इस साल फरवरी में केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने वार्षिक बजट में ‘राष्ट्रीय बांस मिशन‘ की घोषणा की जिसमें इसके लिए 12,290 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।

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मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि बांस मिशन का पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए विशेष महत्व है और वित्त मंत्री द्वारा की गई घोषणा से इस क्षेत्र के विकास के लिए केंद्र सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता जाहिर होती है।

सिक्किम भारत के हवाई लिंक मानचित्र पर

·         प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 24 सितंबर को सिक्किम में पाकयोंग हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। यह हिमालयी राज्य का पहला हवाई अड्डा और देश का 100वां हवाई अड्डा है।

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पाकयोंग हवाई अड्डा को आम आदमी के लिए किफायती सुनिश्चित करने के लिए इस हवाई अड्डे को यूडीएएन योजना का हिस्सा बनाया गया है।

डिजिटल पूर्वोत्‍तर दृष्टि पत्र 2022 जारी

·         केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद ने 11 अगस्त को गुवाहाटी में ‘डिजिटल नॉर्थ ईस्ट विजन 2022’ को जारी किया। यह दृष्टि पत्र डिजिटल प्रौद्योगिकी का फायदा उठाते हुए पूर्वोत्‍तर के लोगों के जीवन स्‍तर बदलने और जीवन यापन की सुगमता सुनिश्चित करने पर जोर देता है।

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इस दृ‍ष्टि पत्र के तहत आठ प्रमुख डिजिटल क्षेत्रों – डिजिटल बुनियादी ढांचा, डिजिटल सेवाएं, डिजिटल सशक्तिकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा, बीपीओ सहित आईटी एवं आईटीईएस को प्रोत्‍साहन, डिजिटल भुगतान,नवाचार एवं स्टार्टअप और साइबर सुरक्षा की पहचान की गई है। डिजिटल पूर्वोत्‍तर दृष्टि पत्र 2022 के एक हिस्से के तहत गुवाहाटी में पूर्वोत्‍तर के लिए एक क्लाउड हब भी स्थापित किया जाएगा। डिजिटल प्रौद्योगिकी के उपयोग में राज्य सरकार के 50 हजार कर्मचारियों के लिए क्षमता निर्माण किया जाएगा। इसके तहत पूर्वोत्‍तर क्षेत्र के सभी दूरदराज के गांवों को मोबाइल कनेक्टिविटी प्रदान करने का भी आश्वासन दिया गया है। इस अवसर पर बोलते हुए श्री प्रसाद ने पूर्वोत्‍तर राज्यों से आग्रह किया कि वे छोटे शहरों में बीपीओ को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के पूर्वोत्‍तर के छह मेडिकल कॉलेजों में ई-क्लास रूम स्थापित किए जाएंगे। पूर्वोत्‍तर के लिए कई अन्य परियोजनाएं भी शुरू की गई हैं जिनमें नदी द्वीप माजुली जिले में एक बीपीओ केंद्र शामिल है।

नई ट्रेन अरुणाचल एक्सप्रेस

·         राष्ट्रीय राजधानी के आनंद विहार टर्मिनल और अरुणाचल प्रदेश के नाहरलागुन के बीच एक नई ट्रेन सेवा को केंद्रीय राज्‍य मंत्री श्री किरेन रिजिजू और श्री राजेन गोहेन ने 1 मार्च को नहरलागुन रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाई। इस नई ट्रेन को ‘अरुणाचल एक्सप्रेस’ नाम दिया गया है।

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यह नहरलागुन और आनंद विहार टर्मिनल के बीच 2,013 किलोमीटर की दूरी करीब 38 धंटे में पूरी करती है और इसके मार्ग में 14स्‍टॉपेज होंगे। यह राष्ट्रीय राजधानी से अरुणाचल प्रदेश को जोड़ने वाली दूसरी और उत्तर पूर्व को राष्‍ट्रीय राजधानी से जोड़ने वाली 14वीं सीधी ट्रेन है। इस अवसर पर बोलते हुए श्री रिजिजू ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में 11 रेलवे परियोजनाएं प्रगति पर हैं जो जल्‍द ही राज्‍य का चेहरा बदल देगा और इस प्रकार विकास के मोर्चे पर यह राज्‍य एक जबरदस्‍त छलांग लगाने के लिए तैयार है।

प्रधानमंत्री ने भारत के पहले राष्‍ट्रीय खेल विश्‍वविद्यालय की आधारशिला रखी

·         प्रधानमंत्री ने 16 मार्च को मणिपुर में 750 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय, 1,000 आंगनवाड़ी केंद्रों और कई अन्य महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी।

इस अवसर पर बोलते हुए श्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि पूर्वोत्‍तर के लिए केंद्र सरकार का दृष्टिकोण ‘परिवहन द्वारा परिवर्तन’ रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्‍तर भारत के विकास का नया इंजन हो सकता है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्‍तर को देश के बाकी हिस्सों के साथ समान विकास में समर्थ बनाने के लिए सरकार पूर्वोत्‍तर की विशेष जरूरतों को पूरा कर रही है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले चार वर्षों में वह खुद पूर्वोत्‍तर का 25 से अधिक दौरा कर चुके हैं।

पूर्वोत्‍तर का विकास: सरकार की प्राथमिकता

·         प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने 03-04 फरवरी 2018 को गुवाहाटी में आयोजित एडवांटेज असम- ग्‍लोबल इन्‍वेस्‍टर्स समिट 2018 के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्वोत्‍तर केंद्र सरकार की एक्‍ट ईस्‍ट नीति के केंद्र में है।

एक्ट ईस्ट नीति के तहत आसियान देशों के साथ लोगों का लोगों से संपर्क बढ़ाने, व्यापार संबंधों एवं अन्य संबंधों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की सभी योजनाएं लोगों के जीवन में गुणात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में उन्मुख हैं। उन्होंने कहा कि लक्ष्य ‘जीवन यापन की सुगमता’ में सुधार लाना है।

·         13 जून को प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पूर्वोत्‍तर परिषद (एनईसी) के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में केंद्रीय गृह मंत्री के नामांकन के लिए पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। एनईसी एक वैधानिक निकाय है जिसमें पूर्वोत्‍तर के सभी आठ राज्‍यों के राज्‍यपाल एवं मुख्‍यमंत्री सदस्‍य होते हैं। मंत्रिमंडल ने यह भी मंजूरी दी है कि पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) इस परिषद के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करेंगे। नई व्यवस्था के तहत एनईसी अब विभिन्न क्षेत्रीय परिषदों द्वारा नशीली दवाओं की तस्करी, हथियार एवं गोला बारूद की तस्‍करी, सीमा विवाद आदि अंतरराज्‍यीय मुद्दों पर विभिन्न क्षेत्रीय परिषदों द्वारा किए गए कार्यों को निष्पादित कर सकता है। एनईसी की पुनर्स्थापना इसे पूर्वोत्‍तर क्षेत्रके लिए कहीं अधिक प्रभावी संस्‍था बनने में मदद करेगी।

·         21 मार्च को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मार्च 2020 तक 3,000 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ पूर्वोत्‍तर औद्योगिक विकास योजना (एनईआईडीएस), 2017 को मंजूरी दे दी। सरकार मार्च 2020 से पहले आकलन के बाद योजना की शेष अवधि के लिए आवश्यक आवंटन करेगी। एनईआईडीएस अत्‍यधिक परिव्‍यय के साथ पहले की दो योजनाओं के तहत प्रोत्साहनों का संयोजन है। प्रोत्साहन के सभी घटकों के तहत लाभ की कुल सीमा 200 करोड़ प्रति इकाई हेागी। हाल में लागू की गई यह योजना पूर्वोत्‍तर राज्यों में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देगी और इससे रोजगार एवं आय सृजन को बल मिलेगा।

·         पूर्वोत्तर के 14 जिलों के लिए ‘ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्‍ट्स’ कार्यक्रम के तहत रोडमैप पर चर्चा के लिए 8 फरवरी को बैठक आयोजित की गई। पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में अब तक शुरू किए गए प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में पूर्वोत्‍तर क्ष्‍ोत्र के लिए 5,336.18 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से व्यापक दूरसंचार विकास योजना, ब्रॉड गेज एवं राजधानी से संपर्क वाली रेल परियोजनाएं, अरुणाचल प्रदेश एवं सिक्किम में 4,754.42 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पारेषण एवं वितरण प्रणाली के लिए व्‍यापक योजना (सीएसएसटी एवं डीएस), भारतमाला परियोजना, पूर्वोत्‍तर सड़क क्षेत्र विकास योजना (एनईआरएसडीएस) आदि शामिल हैं।

·         सरकार ने पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में विविध बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की एक व्‍यापक श्रृंखला को रफ्तार दी है। सरकार ने पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में रेल, सड़क, वायु और अंतर्देशीय जलमार्ग कनेक्टिविटी में सुधार करने पर जोर दिया है और तमाम बिजली परियोजनाओं के साथ यह क्षेत्र अतिरिक्‍त बिजली उत्‍पादन करने के लिए तैयार है।

·         सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारतमाला परिजोजना के पहले चरण के तहत पूर्वोत्‍तर के लिए विशेष त्वरित सड़क विकास कार्यक्रम (एसएआरडीपी-एनई) को लागू कर रहा है। इस परियोजना की अवधि पांच साल (2017-18 से 2021-22) तक है और इसके तहत पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में कुल 3,528 किमी. सड़कों में सुधार किया जाएगा।

·         एनईआर के लिए औषधीय एवं सुगंधित पौधों (एमएपी) पर एक अंतर-मंत्रालयी समिति (आईएमसी) की स्थापना 22 फरवरी को की गई। यह निर्णय पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास मंत्रालय और आयुष मंत्रालय के सचिवों की बैठक के बाद लिया गया। यह अंतर-मंत्रालयी समिति केंद्र सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों में तालमेल स्‍थापित करेगी ताकि औषधीय एवं सुगंधित पौधों का क्षेत्र जीवंत हो सके और पूरी क्षमता के साथ संसाधनों को विकसित किया जा सके।

·         डॉ जितेंद्र सिंह ने 18 फरवरी को पूरे भारत से युवा स्टार्ट-अप को पूर्वोत्तर आने और इस क्षेत्र में मौजूद संभावनाओं के जरिये अपना भाग्य बदलने की कोशिश करने के लिए आमंत्रित किया।

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दिल्ली में ‘स्किल इंडिया‘ प्रदर्शनी के दौरान प्रतिभागियों की एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश के अन्‍य भागों एवं राज्यों में आजीविका और नए उद्यमों के सभी मार्ग धीरे-धीरे समाप्त हो रहे हैं ज‍बकिपूर्वोत्‍तर क्षेत्र में अपार संभावनाएं अभी भी मौजूद हैं। उन्‍होंने युवा उद्यमियों को पूर्वोत्‍तर आने के लिए प्रेरित किया।

 

केंद्रीय राज्‍य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 04 जून, 2018 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की प्रमुख पहल ‘मेक इन इंडिया’ की तर्ज पर ‘मेक इन पूर्वोत्तर’ के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सभी हितधारकों को इन आठ राज्‍यों में प्रत्‍येक को अनोखे उत्‍पाद के आधार पर अपनी एक विशेष पहचान बनाने में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया।

·         सरकार ने 29 मई को गुवाहाटी विश्वविद्यालय, गुवाहाटी में एक विशेष ‘ब्रह्मपुत्र अध्ययन केंद्र’ स्‍थापित करने की मंजूरी की घोषणा की। इसके लिए लगभग पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास मंत्रालय ने करीब 28 करोड़ रुपये दिए हैं।

·         राष्ट्रीय महिला आयोग में नवनियुक्त पूर्वोत्तर सदस्य श्रीमती सोसो शाइजा ने तीसरे 3 दिसंबर को केंद्रीय राज्‍य मंत्री श्री जितेंद्र सिंह के साथ एक बैठक में कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) महिलाओं विशेष तौर पर युवतियों के लिए पूर्वोत्‍तर आजीविका कार्यक्रमों में मदद करेगा।

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इसके तहत कौशल विकास एवं विशेष प्रशिक्षण के जरिये उन्‍हें आजीविका कमाने समर्थ और एक व्‍यक्ति के तौर पर सशक्‍त बनाया जा सकता है।

·         पूर्वोत्तर के लिए एक अन्‍य ऐतिहासिक पहल के तहत केंद्रीय राज्‍य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 29अक्टूबर को असम के जोरहाट में सीएसआईआर-नॉर्थ ईस्ट इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (एनईआईएसटी) परिसर में एक नए विज्ञान केंद्र ‘टेक्‍नोलॉजी फैसिलिटी सेंटर‘ (टीएफसी) की आधारशिला रखी।

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·         23 अप्रैल को डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत की ‘एक्‍ट ईस्‍ट’ नीति पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए महत्वपूर्ण है।

अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संबंधों पर भारतीय अनुसंधान परिषद द्वारा ‘भारत-म्यांमार व्यापार एवं संपर्क’ विषय पर नई दिल्‍ली में आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि म्यांमार भारत की ‘एक्‍ट ईस्‍ट’ नीति का एक प्रमुख स्तंभ है क्योंकि यह पूर्वोत्‍तर राज्‍यों के जरिये भारत को दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से जोड़ता है।

पूर्वोत्‍तर राज्‍यों में पर्यटन

·         पूर्वोत्तर में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ाने के लिए पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास मंत्रालय ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में इस प्रकार की परियोजनाओं के लिए विशेष पैकेज और अधिक रकम आवंटित करने के लिए वित्त मंत्रालय को सिफारिश की है।

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केंद्रीय राज्‍य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 11 मई 2018 को केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री केजे अल्‍फोन्‍स के साथ आयोजित एक बैठक में कहा कि पूर्वोत्तर विशेष बुनियादी ढांचा योजना (एनईएसआईडीएस) के तहत पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास मंत्रालय इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जल आपूर्ति, बिजली, कनेक्टिविटी से संबंधित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह पूर्वोत्तर क्षेत्र की राज्‍य सरकारों और केंद की मौजूदा योजनाओं के अतिरिक्‍त है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पूर्वोत्‍तर परिषद (एनईसी) की निगरानी में थीम आधारित क्षेत्रीय पर्यटन सर्किट को बढ़ावा देने के लिए काम चल रहा है।

·         पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के तहत 19 मार्च को चार एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इनका उद्देश्य अगले तीन वर्षों में पूर्वोत्‍तर आने वाले पर्यटकों की संख्‍या को दोगुना करना है। विकास के लिए तकनीकी आधारित उपयुक्‍त स्‍थानीय संसाधनों और सामुदायिक संसाधनों का लाभ उठाने के लिए एक अन्य एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पूर्वोत्‍तर क्षेत्र का विकास भारत के समग्र समावेशी विकास के लिए महत्वपूर्ण है। उन्‍होंने कहा कि पूर्वोत्‍तर के प्राकृतिक सौंदर्य एवं सांस्‍कृतिक विरासत को ध्‍यान में रखते हुए पर्यटन का विकास पर हमेशा से हमारी नजर रही है।

·         केंद्रीय राज्‍य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 14 अक्टूबर को कहा कि पूर्वोत्तर का पर्यटन पिछले चार वर्षों में एक नई ऊंचाई तक पहुंच गया है। उन्‍होंने कहा कि सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की निगरानी में केंद्र सरकार द्वारा दिए गए विशेष जोर एवं प्रोत्साहन के कारण ऐसा संभव हुआ है। पूर्वोत्‍तर के दूरदराज के क्षेत्रों को कनेक्टिविटी प्रदान करने में तेजी से प्रगति के कारण यह छुट्टियां बिताने के लिए पर्यटकों के लिए एक पसंदीदा गंतव्‍य होगा।

·         पूर्वोत्‍तर में पर्यटन को अधिक बढ़ावा देने के लिए 27 से 31 अक्टूबर के बीच नई दिल्ली में पूर्वोत्‍तर संस्कृति की विशेषताओं का चित्रण करने वाला कार्यक्रम ‘एक्‍सपीरिएंसिंग नॉर्थ ईस्‍ट’ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के सहयोग से पूर्वात्‍तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के पूर्वोत्‍तर परिषद (एनईसी) द्वारा आयोजित पूर्वोत्‍तर के गंतव्‍य श्रृंखला का हिस्‍सा था। इस उत्‍सव के दौरान पूर्वोत्‍तर भारत की जीवंत ताकत को प्रदर्शित किया गया और वहां की कला, हस्तशिल्प, हथकरघा, पर्यटन, भोजन, संस्कृति इत्यादि का भी प्रदर्शन हुआ।

अन्‍य उपलब्धियां

·         पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास मंत्रालय ने 31 मई को घोषणा की कि नई दिल्‍ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) और बैंगलोर विश्वविद्यालय में पूर्वोत्तर छात्रों के लिए छात्रावास का निर्माण पूर्वोत्‍तर परिषद (एनईसी) एवं पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है। दिल्‍ली के रोहिणी में एक भूखंड का अधिग्रहण किया गया है जहां पूर्वोत्तर के छात्रों के लिए एक और छात्रावास का निर्माण किया जाएगा जो मुख्य रूप से दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों को सुविधा प्रदान करेगा। इसके अलावा दिल्ली के द्वारका में तीन एकड़ से अधिक भूमि भी अधिग्रहित की गई है जहां पूर्वोत्तर सम्मेलन-सह-सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण प्रस्तावित है।

·         पूर्वोत्तर परिषद के लिए योजनाओं को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद उस पर अमल करने के लिए एक रूपरेखा पर 3 मार्च को आयोजित एक समीक्षा बैठक में निर्णय लिया गया कि जल्‍दी दिल्‍ली में पूर्वोत्‍तर सांस्कृतिक एवं सूचना केंद्र स्‍थापित किया जाएगा। बैठक में पूर्वोत्‍तर की विभिन्‍न मौजूदा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि चूंकि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर क्षेत्र को प्राथमिकता दे रही है, इसलिए यह पूर्वोत्‍तर भारत के लोगों के लिए एक नया उपहार होगा। उन्होंने कहा कि यह केंद्र दिल्ली में पूर्वोत्तर क्षेत्र के सांस्कृतिक सम्मेलन एवं सूचना केंद्र के रूप में कार्य करेगा।

·         ‘द एज ऑफ मल्टीलेटरेलिज्म एंड कनेक्टिंग इंडियाज नॉर्थ ईस्ट: अपरचुनिटीज एंड चैलेंजेज’ विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार 19 से 20 मार्च 2018 को मेघालय के शिलांग में पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास मंत्रालय, इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्‍ड अफेयर्स (आईसीडब्ल्यूए) और एशियन कॉन्‍फ्लूएंस के संयुक्त तत्‍वावधान में आयोजित किया गया। इस सेमिनार को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्‍य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पूर्वोत्‍तर क्षेत्र के विकास की दिशा में मनोवैज्ञानिक पहुंच शारीरिक पहुंच के मुकाबले कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।

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डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार के फास्‍ट-ट्रैक नजरिये के कारण वायु, रेल और सड़क कनेक्टिविटी में उल्‍लेखनीय बदलाव आया है। उन्‍होंने कहा कि इससे उद्यमियों की तमाम संभावित बाधाएं पहले ही दूर हो गई हैं।

·         केंद्रीय राज्‍य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 22 फरवरी को ‘इन्‍क्‍लूसिव ट्राइबल कॉन्‍ग्रेगेशन’ पर आयोहित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित किया। इस अवसर पर बोलते हुए मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी का ‘नए भारत’ का सपना सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के आधार पर भेद किए बिना समाज के हरेक वर्ग को विकास के लिए समान दिए जाने की अवधारणा से प्रेरित है।

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सरकार ने खुद अपने लिए गरीबी को सशक्त बनाने के उद्देश्य की परिकल्‍पना की है ताकि वे अपनी गरीबी का उन्मूलन कर सकें।

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Achievements of Ministry of Personnel, Public Grievances & Pensions during 2018

Year End review: Ministry of Personnel, Public Grievances & Pensions

12th Civil Services Day event 

The Vice President of India, Shri M. Venkaiah Naidu inaugurated 2-day event of 12th Civil Services Day on 20.4.2018. The Prime Minister, Shri Narendra Modi, addressed Civil Servants on the occasion of Civil Services Day on 21.4.18. Prime Minister presented 15 awards to the winners in various categories. He said that the priority programmes such as Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana, Deen Dayal Upadhyaya Grameen Kaushalya Yojana, Pradhan Mantri Awas Yojana and Promoting Digital Payments, for which awards have been given, are important programmes for ‘New India’.

On the occasion of Civil Services Day, 2018, the Department of Administrative Reforms and Public Grievances (DAR&PG), Government of India produced two films namely ‘Journey of PM-Awards 2018’ and ‘New India-shaping the future’ through NFDC empanelled producers. The same was screened during CSD, 2018. These films are available on the Department’s website, as well as social media platforms such as twitter and facebook.

Two books namely ‘Emulating Excellence – Takeaways for Replication’ consisting of 28 successful Innovations and ‘New Pathways’ containing 34 Success Stories in implementation of select Priority Programmes, have been published and released on the occasion of Civil Services Day, 2018 which were released by Shri M. Venkaiah Naidu, Hon’ble Vice-President of India on 20th April, 2018 and Shri Narendra Modi, Hon’ble Prime Minister of India on 21st April, 2018 at Vigyan Bhavan respectively.

A digital exhibition on Success stories of identified priority programmes (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana, Promoting Digital Payments, Pradhan Mantri Awas Yojana– Urban & Rural, and Deen Dayal Upadhyaya Grameen Kaushalya Yojana) and shortlisted Innovations by districts and Central, State organisations was also organized. Creative works of Civil Servants were also showcased in the Exhibition. This included books, music, paintings etc. The exhibition was inaugurated by Shri M. Venkaiah Naidu, Hon’ble Vice-President of India on the occasion of Civil Services Day held on 20-21st April, 2018.

Posting of Assistance Secretaries in Central Ministries

On 11.07.18, the Vice President, Shri M. Venkaiah Naidu addressed the IAS Officers of 2016 batch posted as Assistant Secretaries in Government of India. Heasked the IAS officers to look upon people as active agents of transforming India, not merely as ‘target groups’ or ‘beneficiaries’.

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176 young IAS officers of the 2016 batch working as Assistant Secretaries in 58 Central ministries attended the Interactive Session. On 04.07.18, the Prime Minister, Shri Narendra Modi, interacted with over 170 young IAS officers during the inaugural session of the 2016 Batch, who were appointed Assistant Secretaries in the Government of India. The Prime Minister encouraged them to share their experiences of field training. He discussed with them some of the elements of good governance, including Jan Bhagidari, information flows, optimal utilisation of resources, and people’s trust in governance.

At the Valedictory Session on 27.09.18, IAS officers of the 2016 batch made presentations before the Prime Minister, Shri Narendra Modi. 8 selected presentations were made by the officers, on themes such as raising farm incomes, soil health cards, grievance redressal, citizen-centric services, power sector reform, tourist facilitation, e-auctions, and smart urban development solutions.

MoS (PP) Dr Jitendra Singh interacted with the participants of 120th Induction Training Programme 

On 03.08.18, the group of 89 officers from 18 states who were promoted to IAS from the State Civil Service attended the training programme at Lal Bahadur Shastri National Academy of Administration (LBSNAA), Mussoorie.

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During interaction with the Minister, the participants discussed various issues including standardisation of training, setting up of new training centres, shortage of IAS officers at some places and new initiatives of the Government etc.

On 02.07.18, MoS Dr Jitendra Singh delivered the inaugural address at 44th Advanced Professional Programme in Public Administration (APPPA) for Civil Servants and officers, organized by the Indian Institute of Public Administration (IIPA).

As per the practice adopted by the present Government, MoS Dr. Jitendra Singh felicitated the toppers of Civil Services Examination (2017) at a ceremony organised by Department of Personnel & Training (DoPT) in New Delhi on 01.05.18.

Regional Conferences on Good Governance

The Department organized three Regional conferences at Bhopal (MP), Kohima (Nagaland) and Thiruvananthapuram (Kerala) during FY 2018-19. Senior Officers of the Central and State Governments responsible for implementing good governance practices, officers from Niti Aayog, DCs of aspirational districts, awardees of PM’s awards, e-Governance and CAPAM awards, etc participated in the conference. The theme of conferences this year was on Good Governance Initiatives with focus on Aspirational Districts/Capacity Building/Citizen Centric Services/Awarded initiatives and e-governance in service delivery.

This year, two issues of the biannual magazine ‘Minimum Government Maximum Governance‘, July- December, 2017 & Jan-June, 2018 were e-Published on the Department’s website in the month of January, 2018 and July, 2018 respectively.

National e-Governance Awards

MoS (PP) Dr Jitendra Singh presented National Awards for e-Governance 2017-18 on 27.12.2018 in a two-day event of National Conference on e-Governance 2018 (21st edition) held at Hyderabad, Telangana. He presented 19 awards in 8 categories for commending efforts in the field of e-Governance. In each category, the gold carried a cash award of Rs. 2 Lakh & citation and the silver carried Rs. one Lakh cash award. The theme of the Conference was ‘Technology for accelerating Development’. The conference was inaugurated on 26.02.2018 by the Union Minister of State for Consumers Affairs, Food & Public Distribution and Commerce & Industry, Shri C.R. Choudhary and the Minister of Information Technology, Municipal Administration & Urban Development, Industries and Commerce of Telangana State, Shri K. T. Rama Rao. An Exhibition was also organized at the venue where the e-Governance projects of various State Governments and the Centre were displayed. A hall of fame was put up where e-Governance initiatives which have sustained and developed over time and those which have a potential for paradigm shift in the way citizens access market services were showcased. These initiatives included platforms of Aadhaar, GSTN, Government e-Marketplace (GeM), Hawkeye, e-NAM platform of the Ministry of Agriculture & Farmer’s Welfare, MeeSeva etc.

The next National Conference on e-Governance 2019 (22nd edition) is going to be organized by the State Government of Rajasthan at Jaipur in the month of February 2019. During the Conference, it is proposed to give National Awards for eGovernance under 6 categories, viz. (1) Excellence in Government Process Reengineering for Digital Transformation; (2) Excellence in providing Citizen Centric Delivery; (3) Excellence in District level initiative in eGovernance i). North-East States + Hilly States ii). UTs (including Delhi) iii). Other States (4) Outstanding research on Citizen Centric Services by Academic/Research Institutions; (5) Innovative Use of ICTin eGovernance solutions by Startups [Startup as defined by Department of Industrial Policy and Promotion (DIPP) Government of India]; (6) Excellence in Adopting Emerging Technologies. The theme of the Conference is ‘Digital India: Success to Excellence.”

Certificates of Appreciation to Ministries/departments for implementation of e-office prgoramme

On 14.03.2018, MoS Dr. Jitendra Singh presented Certificates of Appreciation to 34 Ministries/Departments for implementation of e-Office programme in their respective ministries/Departments. The Awards are given by the Department of Administrative Reforms & Public Grievances (DARPG), Ministry of Personnel, Public Grievances and Pensions, Government of India. E-Office is one of the Mission Mode Projects under Digital India Programme.

International cooperation in the field of Public Administration and Governance

The Department works as the nodal point in respect of matters relating to international cooperation in the field of Public Administration and Governance, which includes organizing programmes and visits of the foreign delegation to India and visits of Indian delegation abroad as part of projects/bilateral measures taken up in accordance with the Memorandum of Understandings (MOUs)/Agreements signed between India and other countries (bilateral or multilateral). The purpose of the international cooperation component is to enable the sharing of information, best practice and personnel across national government.

Department of Administrative Reforms and Public Grievances as the institutional member and Board member of Commonwealth Association for Public Administration and Management (CAPAM) is actively engaged with various strategic programmes and activities of CAPAM in promoting good governance across the Commonwealth. In the CAPAM General Members meeting held on 21st October, 2018, at Guyana, Georgetown.  Secretary, DARPG was elected on the Board of Directors of CAPAM for the period 2018-2020. During the CAPAM Conference held at Guyana, Georgetown, CAPAM Innovation Awards were announced. Out of the four categories, India won awards in 2 categories.  The initiative entitled “Unnayan Banka- Reinventing Education Using Technology of Banka District , State of Bihar has been selected under the Category “Innovation Incubation”.

Another initiative entitled “Unified Agriculture Markets, Co-operation Department of Government of Karnataka has also been selected under the Category ‘Innovation in Public Service Management’ and CAPAM’s one and only gold medal also went to the India to this Initiative.

Under its given mandate, DARPG has also been deputing officers of Government of India and States/UTs including winners of Prime Minister’s Award for Excellence in Public Administration and National Awards for e. Governance to short term customized foreign training programmes in Institutes/Universities of International repute to share administrative experiences and best practices in the area of public administration and delivery of service. During 2018-19, two groups each comprising 15 officers attended training programmes at Korea Development Institute (KDI, Seoul South Korea in May/June 2018 and Maxwell Syracuse University, New York, USA during November 2018.

Certificates of Appreciation to the Ministries/Departments based on their performance in CPGRAMS

On 27.04.18, the Minister awarded the Certificates of Appreciation to the Ministries/Departments based on their performance in the Centralized Public Grievance Redress and Monitoring System (CPGRAMS).

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Departments were conferred with the awards for the quarters from July to September, 2017 and October to December, 2017. On 10.08.2018, Dr. Jitendra Singh presented the certificates to various Ministries/Departments for Meritorious Performance in handling Public Grievances on PG Portal, the Ministries were awarded certificates for the quarters January-March, 2018 and April-June, 2018.

Launch of Online dashboard to monitor public grievances launched

On 11.04.18, Dr. Jitendra Singh launched an online dashboard developed by Department of Administrative Reforms and Public Grievances (DARPG).

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The dashboard monitors public grievances on a real time basis and periodically reviews progress of systemic reforms. This enables concerned Ministries/Departments to monitor implementation of these reforms.

Disposal of Public grievances

The status of receipts and disposal of Public Grievances dealt with during 2018 as on 21.12.2018 is as under:

            No. of grievances pending as on 01.01.2018:             1,21,806

            No. of grievances received during 2018:                    10,92,221

            No. of grievances redressed during 2018:                  11,01,267

            No. of grievances pending as on 21.12.2018:             93,107

Cabinet decisions:

On 07.03.18, the Union Cabinet chaired by Prime Minister Shri Narendra Modi approved the signing of a Memorandum of Understanding (MoU) between Union Public Service Commission (UPSC) and Public Service Commission of Mauritius. The MoU will develop institutionalized linkage between the Public Service Commissions of two countries. It defines the scope of cooperation between the PSC, Mauritius and the UPSC and sets out the areas of cooperation and obligations of the Parties.

On 23.05.18, the Cabinet approved signing of the Memorandum of Understanding (MoU) between India and Singapore on Cooperation in the field of Personnel Management and Public Administration.The MoU aims at improving the current system of governance, particularly in the areas of Workforce, Workplace and Jobs, Public Service Delivery, Human Resource Management, Public Sector Reform, Leadership/ Talent Development and E-Governance/Digital Government.

Malaysian delegation led by the Human Resources Minister Mr. M. Kulasegaran met the MoS Dr Jitendra Singh on 09.10.19. The visit was the follow up of the visit of Prime Minister Shri Narendra Modi’s visit to Malaysia in May 2018. During the meeting, various issues related to bilateral cooperation in the field of recruitment, training and other aspects of public services came up for discussion.

The Minister for Public Service & Good Governance, Law & Justice, Government of Tanzania (Zanzibar), Mr Haroun Ali Suleiman called on MoS, Dr Jitendra Singh on 16.11.18 and discussed India’s experience with good practices in governance as well as possibilities of exchange programmes at academic level with Lal Bahadur Shastri National Academy of Administration (LBSNAA), Mussoorie and other Indian institutions.

Pension Adalat:

This Department of Pensions and Pensioners’ Welfare had started the unique experiment of holding Pension Adalat of those cases in CPENGRAMS which were either routinely closed by various Ministries or not disposed of within the time-line of 60 days. The methodology adopted was to invite all the stake-holders of a particular grievance on a single table viz. the concerned Department, the PAO, the concerned Bank and representative of the Pensioner and resolve the case across the table.

In the 2nd Pension Adalat on February 9, 2018, 34 pending pension grievances were taken up and the various stakeholders from Ministries, Departments, Banks, CPAO were called upon to redress the grievance on the spot. The cases included revision of Family Pension, Commutation of Pension, final settlement of GPF, Fixed Medical Allowance etc. Out of the 34 selected cases, 20 cases were resolved in the Adalat itself. Out of these, 19 cases were resolved by accepting the claims of the Pensioners. Suitable instructions were conveyed to the concerned Departments for resolving the remaining cases. As on November 30, 2018, out of 34 grievances raised in Adalat, 30 have been resolved.  The Departmental Parliamentary Standing Committee for Ministry of Personnel, Public Grievances & Pensions in its 95th Report appreciated the system of holding Pension Adalats and suggested that a day may be dedicated to the Pensioners, as part of good governance, and efforts be made to minimise their grievances. The Committee had suggested holding Pension Adalats, on a particular day, across Ministries, throughout the country, with this objective in view.

All India Pension Adalat – 2018

In its attempt to devote one day in the year to Pensioners, Department of Pension & Pensioners’ Welfare conducted an All India Pension Adalat on September 18, 2018, which was inaugurated by the MoS (PP) Dr Jitendra Singh.

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These Adalats were conducted across Ministries/Departments throughout the country including all the Central Armed Police Forces (CAPFs) as well as non-Civil Ministries viz. Defence, Railways, Telecom and Posts.  The Chief Secretaries of States were also asked to conduct Adalats for the All India Service Pensioners who fall within the jurisdiction of this Ministry. The model followed was to bring all the stake-holders viz. the Heads of the Department, the PAO office and the concerned Bank, on one table along with the pensioner or his representative and provide on-the-spot resolution. From the reports received, 12,849 cases were taken up for redressal in these Pension Adalats. 9,368 (73%) grievances relating to Central Govt. Ministries/Departments/Organisations were resolved on the same day.  In addition to this, States/UTs, also conducted Pension Adalat for All India Service retired officers, during which 1614 grievances were settled on the same day.  .

On the same day, the Department of Pension & Pensioners’ Welfare also took up 32 grievances of various Ministries where the pensioners  has expressed his/her dissatisfaction over the disposal by the concerned authorities. These cases were selected from the unresolved grievances in CPENGRAMS portal.  In addition, 4 cases which could not be resolved in the last Pension Adalat were also reviewed. Out of these, 22 cases were settled on-the-spot in the Adalat. Suitable instructions/directions were given in the remaining cases to the concerned Departments/PAO/CPAO/Banks to resolve the grievances within a given time frame.

Root cause analysis of Pensioners’ grievances 

This department got conducted a Root Cause Analysis of pensioners’ grievances by an independent third party, keeping in focus the quality of disposal, which in some cases was not satisfactory.  The methodology adopted was a comprehensive review of focus ministries and after a Root Cause Analysis arrive on the basis of the grievances. The feedbacks were also analysed along with the redressal procedure.  As a result of this exercise the various stake-holders of grievances were identified and action taken to rectify the Root Causes of such grievances. This included meetings with banks in such cases where delay took place in initiation of pension/family pension, disruption in pension credit, discrepancy in pension amount, not providing pension slips, delay in giving effect to change in branch as desired by the pensioner. Similarly, issues pertaining to CPAO were taken up such as revision of pre-01.01.2016 pension revision cases, delay in issue of revised authority etc.

ANUBHAV: 

During the Third Anubhav Award Ceremony, six Awards were given by the  Minister of State (PP) on September 18, 2018 to selected write-ups published from April 1, 2017 to   March 31, 2018 on Anubhav Portal. A Pre- retirement counselling workshop was organized on 10.01.18 in the presence of MoS (PP) with the objective to aware retirees about their retirement dues and post retirement activities.   In this workshop  about 125 retirees interacted with 5 NGOs with a view to explore volunteer activities in their post retirement life.

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Digital Life Certificate from home: Keeping in view the great discomfort experienced by very senior and ailing Pensioners in queuing up outside Banks in the month of November to give their Life Certificate, the Department undertook a path breaking initiative: involve Pensioners’ Associations in eight cities on a pilot basis and obtain Digital Life Certificate from home of such Pensioners. This was a pilot program conducted in Noida/Delhi, Chandigarh, Dehradun, Mumbai, Mysore Vadodara, Trivandrum &Bangalore. Till 13.12.2018, 2480 number of DLCs were obtained from homes of aged Pensioners.

Standing Committee of Voluntary Agencies (SCOVA): 

A Standing Committee of Voluntary agencies (SCOVA) has been set up under the Chairmanship of MOS (PP) with a view to provide feedback on the implementation of policies/programmes of this Department besides mobilizing voluntary effort to supplement the Government action. 30th SCOVA meeting was held under the Chairmanship of Dr Jitendra Singh, Hon’ble Minister of State (PP) on March23, 2018 in New Delhi, which was attended by representatives of various Pensioners Associations and the Ministries/Department. Many issues related to pensioners were discussed such as revision of PPOs of pre-2006 pensioners, Health Insurance Scheme for pensioners including those residing in non-CGHS area, Special “Higher” Family Pension for widows of the war disabled invalidated out of service, Extension of CGHS facilities to P&T pensioners, issue relating to CGHS Wellness Centre, Dehradun etc.

Pension Reforms  during 2018:

  1. Vide Order dated 31.01.2018 Certification of CMO has been dispensed with for claiming Fixed Medical Allowance by the pensioners residing in the city not covered under CGHS.
  2. A Committee under the Chairmanship of Secretary, Department of Pension and Pensioners Welfare was constituted by Department of Financial Services to suggest measures for streamlining the implementation of National Pension Scheme. The Committee submitted its report on 28.2.2018.  Based on the recommendations of the Committee, the Government has taken the following decisions: –
  • Enhancement of the mandatory contribution by the Central Government for its employees covered under NPS Tier-I from the existing 10% to 14%.
  • Providing freedom of choice for selection of Pension Funds and pattern of investment to Central government employees.
  • Payment of compensation for non-deposit or delayed deposit of NPS contributions during 2004-2012.
  • Tax exemption limit for lump sum withdrawal on exit has been enhanced to 60%.  With this, the entire withdrawal will now be exempt from income tax.

Annual report of the Central Information Commission (CIC) was tabled in Lok Sabha and Rajya Sabha on 14thand 15th March 2018 respectively.

The trends of Annual Report were as follows:

  • During the reporting year 2016-17, 9.17 lakh RTI applications were received by the registered Central Public Authorities (PAs). This is lower by 59,670 or 6.1% than what was reported during 2015-16.
  • The Central PAs rejected 6.59% (60,428) of the RTI applications processed during 2016-17 showing a downward trend in rejections which have come down by 0.03% from the 6.62% reported in 2015-16.
  • Highest percentage of RTI applications rejected was reported by Ministry of Finance (18.41%), Ministry of Home Affairs (16.08%) and Ministry of Labour and Employment (14.37%).
  • Annual Report 2016-17 shows a decrease of 0.08% in First Appeals received by the Central PA’s in comparison to the previous year.
  • The CIC disposed of 32,344 appeals and complaints cases in 2016-17 which is the highest disposal by the Commission since inception. A total of 23,811 cases were registered during the same period. At the end of the year the Commission had 26,449 cases pending before it.
  • The Commission imposed penalties to the tune of Rs. 18.98 lakhs during 2016-17 whereas a total of Rs. 8.6 lakhs was recovered from the PIOs.
  • Total 1,965 PA’s have submitted Annual Returns which is higher than the previous year 2015-16.

13th Annual Convention of the Central Information Commission (CIC) 

The President of India, Shri Ram Nath Kovind, inaugurated the 13th Annual Convention of the Central Information Commission (CIC) on 12.10.18.

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The Annual Convention on the topic Data privacy and Right to information, Amendment in the RTI Act and Implementation of the RTI Act” aimed at recommending measures for improving the transparency and accountability with a view to improve governance. The Convention deliberated on three specific subjects viz. “Data privacy and Right to Information”, “Amendment in the RTI Act” and “Implementation of the RTI Act.”

New building of the Central Information Commission (CIC)

On 06.03.18, the Prime Minister, Shri Narendra Modi, inaugurated the new building of the Central Information Commission (CIC) in New Delhi. He noted that the building had been completed before the due date, and congratulated all agencies involved in the construction. He said the environment friendly Griha-IV rating would ensure energy savings, and help conserve the environment. The new building will enable the Commission to function from a single location.

Earlier it was working from two hired buildings. The new CIC building is a State of the Art-Green Building constructed by National Building Construction Corporation ahead of its completion date. The five storey structure houses all the hearing rooms of the Central Information Commission with state of the art, IT and Video Conferencing Systems. CIC is the apex appellate body established by the Right to Information Act 2005.

Central Information Commission (CIC) launched a newly updated version of mobile app in Hindi – “CIC App”in July, 2018, which is available in Google Play Store and Apple store with the following features:

  • Applicant can submit his/her 2nd Appeal(s)/Complaint(s)/ link paper(s) in both the languages i.e. in Hindi and English
  • The appellant can search and trace dak, 2nd Appeal/Complaint in both the languages.
  • Real time status is available in both the languages (Hindi & English)
  • Appellant can download copy of Hearing notice, Facilitation memo & decision.

The Central Information Commission has undertaken an evaluation to ascertain the quality of suo-motu disclosures u/s 4 of RTI Act made by various Public Authorities. The evaluation was conducted by a Committee comprising of Shri A.N. Tiwari, former Chief Information Commissioner and Shri M.M. Ansari, former Information Commissioner. (20.11.18).

The Central Information Commission organised a seminar on the topic “Health and Right to Information Act 2005” on 07.04.18. The seminar was attended by Chief Information Commissioner, Central Information Commissioners, former Information Commissioners, State Information Commissioners, NGOs and other stake-holders.

Vigilance Awareness Week 

The Central Vigilance Commission observed Vigilance Awareness Week during the week in which 31st October, the birthday of late Sardar Vallabhbhai Patel falls. In 2018, the Vigilance Awareness Week was observed from 29th October to 3rd November, 2018 with the theme “Eradicate Corruption-Build a New India (भ्रष्टाचार मिटाओ- नया भारत बनाओ)”. The observance of the Vigilance Awareness Week commenced with the taking of the Integrity Pledge by the Central Vigilance Commission which was webcast live and telecast on Doordarshan to enable all Central Government public servants to simultaneously take the pledge. The President of India, Shri Ram Nath Kovind was the Chief Guest for the Vigilance Awareness Week Function held at Vigyan Bhavan on 31st October 2018.

MoS Dr Jitendra Singh, was the guest of honour at the function. The function was attended by senior serving and retired functionaries of various constitutional and statutory bodies, senior officers of various Ministries, Departments and other Central Government Organisations, Central Public Sector Enterprises, representatives of Professional Associations, Trade and Industry Associations and NGOs, Principals and Heads of Educational Institutions as well as students. The President gave away the Vigilance Excellence Awards for good work done by organizations in the field of punitive, preventive and participative vigilance.  Organisational activities were conducted on a large scale during the Vigilance Awareness Week by departments and organizations of the Government of India.

CVC Lecture Series:

During the year, the CVC organised lectures by experts/eminent persons on various topic as a part of its “Lecture Series”. These are: Smt Sumitra Mahajan, Speaker, Lok Sabha on the topic “My Experiences as a Representative of People”, Dr. Rathin Roy, Director, National Institute of Public Finance and Policy on the topic “Why Fiscal Rectitude Matters”, Dr Ajay Bhushan Pandey, CEO UIDAI on the topic “Aadhar- tool for Empowerment and Transparency”, Shri Shaktikanta Das, Member, Finance Commission of India on the topic “India Economy – the Structural Question”, Dr. Ashima Goyal, Member, Prime Minister’s Economic Advisory Council on the topic ”Indian Institutions: Evolution and Hysterisis”, Dr. Surjit S. Bhalla, Member, Prime Minister’s Economic Advisory Council on the topic “Employment and Poverty Reduction in India ”, CEO, NITI Aayog, Shri Amitabh Kant on the topic “Transformation of Aspirational Districts – a New India by 2022”, Shri M. Damodaran, former Chairman, SEBI on the topic “Corporate Governance in Public Sector”, Dr. Urjit Patel, Governor, RBI on the topic “Preventive Vigilance – the Key Tool of Good Governance at Public Sector Institutions”, Dr.T.M. Bhasin, Vigilance Commissioner, CVC on “Report on Analysis of Top 100 Bank Frauds”,  Shri Hemant G. Contractor, Chairman, Pension Fund Regulatory and Development Authority (PFRDA) on the topic “Pensions and Social Security”.

Report on Top 100 Bank Frauds

CVC has reviewed and analyzed Top 100 Bank Frauds, from data as on 2017 in a report released this year.  The study was divided into 13 sectors comprising Gems and Jewellery, Manufacturing, Agro sector, Media, Aviation, Service Sector, Discounting of cheques and bills, Trading sector, IT Sector, Exports sector, Fixed deposits and Demand Loan etc.The modus operandi of these loans has been thoroughly analysed and various loopholes/lapses have been identified. Based on the findings, various industry specific suggestions for systemic improvement have been given in the final report, which have also been sent to Deptt. of Financial Services and RBI, in order to plug the loopholes observed by the Commission. The measures suggested include strengthening of SOPs, monitoring system and also highlighting the role of controlling offices, so as examine the aspect of quality of business. The analytical study was initiated by the Commission as a Preventive Vigilance measure so as to minimize the occurrence of such type frauds in future.

UPSC allows facility of withdrawal of applications by candidates

The Union Public Service Commission (UPSC) has allowed the facility of withdrawal of applications by candidates. This was announced by the Chairman of UPSC Shri Arvind Saxena, while speaking on the occasion of the 92nd Foundation Day Celebrations on 01.10.18. The Chairman said that UPSC’s experience with the Civil Services Examination is that roughly 50% of the 10 lakh plus candidates who fill in the application forms for the Preliminary examination actually write the examination. “The Commission has to book venues, print papers, hire invigilators and ship the documents for all the 10 lakh applicants – which turns out to be a 50% waste of energy and resources”. On successful completion of withdrawal of application, confirmation message will be sent on email and also an SMS. Once application has been withdrawn, it cannot be revived.

Shri Arvind Saxena takes oath as Chairman, UPSC

Shri Saxena joined the Commission as Member on 08.05.2015 and was later on appointed to perform the duties of the post of Chairman, UPSC on 20.06.2018. Shri Arvind Saxena has been sworn in as the Chairman, Union Public Service Commission on 29.11.18.

Shri Bharat Bhushan Vyas, IAS (J&K 1986) (Retd.) took the Oath of Office and Secrecy as Member, Union Public Service Commission (UPSC) on 13.12.18. The Oath was administered by Shri Arvind Saxena, Chairman, UPSC.

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Achievements of Ministry of Culture during 2018

Year End Review- 2018 : Ministry of Culture

Two year long celebrations to mark the 150th birth anniversary of Mahatma Gandhi launched

Mumbai’s Victorian Gothic and Art Deco Building declared as World Heritage by UNESCO

India hosts its first ever Theatre Olympics-2018 with participation of 25,000 artists from the globe across 17 cities

Rashtriya Sanskriti Mahotsavs under the Ek Bharat Shreshtha Bharat matrix Celebrated

Kabir Mahotsav held in Maghar, Uttar Pradesh in memeory of 15th century poet-saint 

Seva Bhoj Yojana of financial assistance to charitable religious institutions offering free community kitchens launched.

The mandate of the Ministry of Culture revolves around the functions like preservation and conservation of the country’s cultural heritage and promotion of all forms of art and culture, both tangible and intangible. The Ministry’s task is to develop and sustain ways and means through which the creative and aesthetic sensibilities of the people remain active and dynamic. The functional spectrum of this Ministry is wide ranging from generating cultural awareness at grassroots level to promoting cultural exchanges at international level.

The year 2018 saw many events and efforts in fulfilling the mandate given and also further showcasing India’s Culture Richness and Heritage on International Platform. Beginning of two -year long celebrations to Commemorate150 Years of Gandhi Jayanti, 550th Birth Anniversary of Guru Nanak Dev Ji, Celebration of 75th Anniversary of Formation of Azad Hind Government, Birth Centenary celebration of Smt. Vijaya Raje Scindia, inauguration of Dharohar Bhawan- A new ASI Building Headquart at New Delhi, Path breaking Findings at the Excavation Site at Sanauli, Uttar Pradesh which caught attention of International experts and various events of Ek Bharth, Shresth Bharat were some of the important highlights for the ministry this year.

THE SALIENT ACTIVITIES AND ACHIEVEMENTS DURING THE YEAR 2018

NAI hosted Special Exhibition to Commemorate the 70 years of Accession of Jammu and Kashmir to India

The Minister of State for Culture (Independent Charge) and Environment, Forest and/Volumes/Untitled/Slide Shows/India @ 70/IMG_9993.JPG Climate Change, Dr. Mahesh Sharma inaugurated an exhibition on “INDIA @ 70: THE JAMMU & KASHMIR SAGA” on the occasion of 70 years of Accession of  Jammu & Kashmir to India, in New Delhi on 11th January,2018. The month long exhibition was curated by the National Archives of India of

Ministry of Culture. Through this interactive Digital Exhibition, the National Archives of India aimed to portray the historical narrative of the Kashmir Conflict, sensitizing the younger generation and creating awareness about the heroism, valour and sacrifice of our Armed forces and civilians.

Mumbai’s Victorian Gothic and Art Deco Building declared as World Heritage by UNESCO

https://i0.wp.com/164.100.117.97/WriteReadData/userfiles/image/image001OGLF.jpg  https://i0.wp.com/164.100.117.97/WriteReadData/userfiles/image/image002VZEB.jpg

In yet another landmark achievement this year , India’s nomination of the “Victorian and Art Deco Ensembles of Mumbai ” has been inscribed on UNESCO’s World Heritage list.

This makes Mumbai city the second city in India after Ahmedabad to be inscribed on the World Heritage List. In the past 5 years alone, India has managed to get inscribed seven of its properties/sites on the World Heritage List of UNESCO. India now has overall 37 World Heritage Inscriptions with 29 Cultural, 07 Natural and 01 Mixed sites. While India stands second largest in number after China in terms of number of World Heritage properties in ASPAC (Asia and Pacific) region, it is overall sixth in the world.

7th Rashtriya Sanskriti Mahotsav held in KARNATAKA

To celebrate the idea of unity in diversity, the Ministry of Culture organized the 7th edition of the Rashtriya Sanskriti Mahotsav under the Ek Bharat Shreshtha Bharat matrix in Karnataka beginning January 14, 2018.The State paired with Karnataka is Uttarakhand. The Mahotsav covered a profusion of art forms from classical and folk, music and dance, theatre to literature and the visual arts and offered the chance to experience the best in established and emerging virtuosity. A handloom and handicrafts-utsav was part of the event. The gastronomic culture of several partnering states was showcased through a food festival.

Sangeet Natak Akademi Awards presented by President of India

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The President of India, Shri Ram Nath Kovind, presented the Sangeet Natak Akademi’s Fellowships (Akademi Ratna) and Sangeet Natak Akademi Awards (Akademi Puraskar) for the year 2016 at a function held at Rashtrapati Bhavan on January 17, 2018. Speaking on the occasion, the President said that art connects people with culture.

First ever International Kala Mela held in Delhi

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The First ever International Kala Mela was inaugurated by the Vice President of India, Shri M. Venkaiah Naidu in New Delhi on 4th February 2018. The International Kala with the aim to promote the spirit of Unity in Diversity and the relevance of Ek Bharat Shreshtha Bharat. With a total of 325 exhibition stalls, it has more than 800 participants from across the globe. These participants were from countries such as China, Venezuela, Peru, Portugal, Srilanka, Poland, Tunisia, Mexico, Bangladesh, Trinidad, Tobago, Fiji, France, Papua New Guinea, Czechia, UK, Spain and Brazil. The Festival was organized from February 4th, 2018 to February 17th, 2018 at the IGNCA, New Delhi.

NSD, Ministry of Culture hosted the 8th Theatre Olympics

../../Users/mediacell/Desktop/images/H201802174056The Vice President of India Shri M. Venkaiah Naidu inaugurated the 8th Theatre Olympics 2018 at the majestic Red Fort in New Delhi on 17th February, 2018. The Theatre Olympics 2018 travelled to 17 Indian cities with 450 shows, 600 ambience performances and 250 power packed youth forum shows with participation of 25,000 artists from the globe. The festival concluded on 8th April 2018, with a grand ceremony at the iconic Gateway of India in Mumbai.It was the first ever Theatre Olympics to be held in India.

Ganga Sanskriti Mahotsav- RAS BANARAS organised in Varanasi

/Volumes/Untitled/YER2018/Feb/H2018022340963.JPGCelebrating the creative and cultural industries of Varanasi, the two day long Sanskriti Mahotsav organised by the Ministry of Culture “Ras Banaras – Swachhagrah – Bapu ko Kaaryaanjali” at Man Mandir and Assi Ghat began in Varanasi on 21st Februray 2018

Integrating the tangible and intangible heritage along the river-belt; different institutions/missions like the National Mission for Clean Ganga and Namami Ganga Jagriti Yatra, the academia, artists, artisans, writers, poets, environmental and cultural forums came together giving the cultural expressions to the conservation and protection of the river

8th Rashtriya Sanskriti Mahotsav held in Madhya Pradesh

/Volumes/Untitled/YER2018/Feb/H2018022441074.JPGContinuing its endeavour to promote India’s Heritage, Ministry of Culture is organising a week long diversified cultural carnival ‘Rashtriya Sanskriti Mahotsav’ in Madhya Pradesh that began at Maan Mandir Fort, Gwalior on 24th February,2018.. To celebrate our plural traditions, under the Ek Bharat Shreshtha Bharat matrix Rashtriya Sanskriti Mahotsav in Madhya Pradesh was enjoined with Nagaland and Manipur as its pairing states. The festival Travelled in 2 cities of Madhya Pradesh i.e. Bhopal andIndore from 26th February to 28th February 2018.

Archaeological Survey of India’s  excavations at the Sadiqpur Sanauli village of Bhagpat, Uttar Pradesh

The Archaeological Survey of India under the Excavation Branch-II, undertook  excavations at the Sadiqpur Sanauli village of Bhagpat, Uttar Pradesh, from the month of March 2018 onwards. Previously in  2004-05, Sanauli was excavated by ASI and found 116 burial remains. The present excavated area is about  hundred & twenty mtrs away from the same.

Total eight number of burial remains were unearthed in which three are Coffin burials, three secondary burial including one twin burial and two symbolic burials. All burials are unique having individual characteristics with some common features. Burial No.1, 3 and 6 are wooden coffin burials in which No.3 and 6  having copper plating and decorations. All burials have pottery, placed all around the skeleton generally big pots kept near the legs and bowls and flasks are arranged near the head indicating North West direction. These hint that the Burials belong to Warrior Class habitants and that they drove a Chariot powered by an animal. This discovery puts Indian Civilization on par with other ancient civilizations like Mesopotamia and Greece, where Chariots were extensively used. It is for the first time that Swords dating to this era has been found in a Burial Pit in India.

These Preliminary findings reveal that based on the archaeological evidences, Sanauli Grave Culture goes back to around 2000 BCE to 1800 BCE (Copper Bronge age).

First ever International Print Biennale held in Delhi

In keeping with its role as the country’s National Academy of Art, the Lalit Kala Akademi /Volumes/Untitled/YER2018/March/H2018032643399.JPGhosted the first-ever International Print Biennale in the country with a record number of 17 countries taking part in it. The first-ever International Exhibition of Graphic Prints ‘Print Biennale India 2018’opened on 25th March,2018 at the Rabindra Bhavan Galleries of the Lalit Kala Akademi in New Delhi. A total number of 988 entries at the national level were received of which 127 have been chosen for display. The number of entries at the international level was 137 of which 50 artists have been selected. A total of 73 artworks of international artists are on display. While, the ‘Eminent Printmakers of India’ show consists of 98 artists were displayed at the NGMA galleries from Monday 26thMarch till April 22nd, 2018.

Madhavpur Mela Organised in Gujarat to celebrate the immortal journey of Rukumini from Arunachal Pradesh to Gujarat

Madhavpur Mela- a diversified cultural festival celebrating the human connection and/Volumes/Untitled/YER2018/March/56dd769b-6781-473e-a780-b39f1350a145.JPG cultural linkages through the legend of Rukmini and Krishna as depicted in our oral, textual, visual and performing traditions was organised during 25th to 29th March,2018 witnessing folk dance – songs & shopping in full swing. The Mela was organised in the spirit of ‘Ek Bharat Shrestha Bharat’ campaign of the Prime Minister and symbolized unity in diversity of the country and established the East to West connect.

Buddha Jayanti celebrated in the presence of Prime Minister in Delhi

On the occasion of Buddha Jayanti 30th April,2018, the Prime Minister Shri Narendra Modi joined the celebrations at Indira Gandhi Indoor Stadium, in New Delhi.

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Organised by the Ministry of Culture, Government of India and the International Buddhist Confederation (IBC), the celebrations was attended by the Minister of State for Culture (I/C), Dr. Mahesh Sharma, the Minister of State for Home Affairs, Shri Kiren Rijiju , Ven Dr. Dhammapiya, Secretary General, International Buddhist Confederation (IBC) ;Buddhist monks and Buddhist representatives from various countries including Sri Lanka, Vietnam, Thailand as well as India among others..

President of India holds  first meeting of NIC to celebrate 150th Birth Anniversary of Mahatma Gandhi

The President of India, Shri Ram Nath Kovind, chaired the first meeting of the National Committee for the Commemoration of the 150th Birth Anniversary of Mahatma Gandhi, at Rashtrapati Bhavan on May 2, 2018. The Committee has a total of 125 members,/Volumes/Untitled/YER2018/May/H2018050245890.JPG including 116 from India and encompasses the President (as chair), the Vice-President, Prime Minister, Union Ministers, former Prime Ministers, Chief Ministers, senior MPs and political leaders from across party lines, and eminent Gandhians, social thinkers and activists representing a cross-section of Indian society and regional diversity. The Committee also has nine international members, including two former Secretaries General of the United Nations – Mr Kofi Annan and Mr Ban Ki-moon – and Nobel laureates Archbishop Desmond Tutu of South Africa and former US Vice-President Al Gore.  Meeting was attended by 82 members of the Committee, including two from abroad.

Culture Minister laid the Indian Delegation SCO Summit held in Sanya, Hainan

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The Minister of State for Culture, Dr Mahesh Sharma led the Indian delegation to the 15th Meeting of the Cultural Ministers of the Shanghai Cooperation Organization (SCO)/Volumes/Untitled/YER2018/May/5afe1cd1a3103f68b65b8819.jpeg Member States held in Sanya, Hainan province, on 16thand 17thMay, 2018. India participated for the first time at the Meeting of Cultural Ministers of the SCO. Speaking at the meet, Minister of State for Culture, Dr. Mahesh Sharma said that India has a long history of cultural exchanges with China and other SCO member states. Joining the SCO has provided a new platform, greater space and opportunities for exchanges and cooperation, the Culture Minister added.

9th Rashtriya Sanskriti Mahotsav held in Tehri, Uttarakhand

Continuing its endeavour to promote India’s rich cultural Heritage, Ministry of Culture organised 3 day long diversified cultural festival ‘Rashtriya Sanskriti Mahotsav’ festival which was inaugurated on 25th May,2018 by Chief Minister of Uttarakhand, Shri Trivendra Singh Rawat, at Koti Colony, Near Tehri Lake, Uttrakhand,The North Zone Cultural Centre (NZCC), Patiala was entrusted with the responsibility as the nodal agency to carry forward the execution of the National Cultural Festival under the banner of the slogan “EK BHARAT SHRESHTHA BHARAT”.

Kabir Mahotsav held in Maghar, Uttar Pradesh

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The two day ‘Kabir Mahotsav’ organized by the Ministry of Culture to commemorate the 500thyear of death anniversary (punya tithi) of 15th century poet-saint Kabir was organised during 28th and 29th June,2018 with much fanfare in Maghar, Sant Kabir../../Users/mediacell/Desktop/images/thumbnail Nagar District of Uttar Pradesh. Artists and Artisans from all over the country with several cultural performances rejuvenated the tone of spiritualism through folk music and dance along with musical and theatrical performances.In its journey of 2 days in Maghar, Sant Kabir Nagar, Uttar Pradesh the festival was graced andaddressed by Prime Minister Shri Narendra Modi on 28th June,2018.The two day festival was organized by the Ministry of Culture to portray the glory of Kabir’s literature and his message of oneness uniting all sections of the society. Various folk music and dance along with musical and theatrical performances were presented in which artists and artisans from all over the country participated celebrating the plural traditions of Ek Bharat Shreshtha Bharat.

Five Diploma and Six Cerificate Courses introduced by IGNCA

Country’s premier Arts organization- Indira Gandhi National Centre for the Arts (IGNCA)- an autonomous institution under the Union Ministry of Culture, Government of India introduced five diploma courses and 6 new Certificate Courses in art and culture and related subjects this year. Basic aim of these courses is to create arts and culture with all its dimension and information technology to design and develop content exploration system to intensify culture learning and visualisation.. The details of 5 one year Post Graduate Diploma evening courses introduced to attract the people towards Indian art and to nurture trained manpower in the related fields, in the academic year 2018-19 are-

  1. PG Diploma in Cultural Informatics
  2. PG Diploma in Preventive Conservation
  3. PG Diploma in Buddhist Studies
  4. PG Diploma in Digital Library and Data Management
  5. PG Diploma in Manuscriptology and Palaeography

In addition to the above courses, IGNCA will be introducing 6 new Certificate Courses shortly:

  1. Academic Integrity and Research Ethics
  2. Open Access for Library and Information Science Professionals
  3. Open Access for Researchers
  4. Digital Library and Information Management
  5. Research Methodology
  6. Cinema Studies and Cultural Documentation

Prime Minister inaugurated Dharohar Bhawan- A new ASI Building Headquartrer

The Prime Minister of India, Shri Narendra Modi, inaugurated ‘Dharohar Bhawan’ – the new Headquarters building of the Archaeological Survey of India (ASI), – at 24, Tilak Marg in New Delhi on 12th July,2018.

../../Users/mediacell/Desktop/Screen%20Shot%202018-12-14%20at%203The new Headquarters building of ASI has been equipped with state-of-the-art facilities, including energy efficient lighting and rainwater harvesting. It includes a Central Archaeological Library with a collection of about 1.5 lakh books and journals. The library is a unique and valuable treasure trove in India and the World for those who are keen to undertake research work in the field of Archaeology, Religious and Cultural perspective of India, India’s ancient past and allied subjects.

 

ASI Lifted the Ban on Photography

The Archaeological Survey of India, an organisation under the Ministry of Culture, Government of India, in an order issued on 12th July,2018, decided to allow photography within the premises of all centrally protected monuments/sites.

Illumination of Red Fort

../../Users/mediacell/Desktop/images/downloadThe historic Red Fort came alive as it saw thefirst ever architectural illumination of its front fortification wall and the two important gateways Lahori Gate and Delhi Gate on 10th August,2018. The illumination ceremony was held in the presence of Minister of State for Culture (Independent Charge), Dr. Mahesh Sharma.The world famous 17th century Mughal era monument has been lit up with architectural lighting also known as ‘element illumination’ to enhance itsarchitectural beauty after sunset.

NAI hosted Exhibition on Banned Literature during Freedom Movement

Minister of State for Culture (Independent Charge) and Minister of State for Environment Forest and Climate Change, Dr. Mahesh Sharma inaugurated an exhibition entitled ‘Prathibandhit Sahitya mein Swatantrata Sangram’ (Freedom Movement through Proscribed Literature) in the premises of National Archives of India, in New Delhi on 10th August. Exhibition is based on the unique collection of proscribed literature in its possession. This exhibition of proscribed literature was from vast collection of poetry and prose that portrays the nationalistic fervour prevalent in the days of freedom struggle. These were written in almost all the Indian languages such as Bengali, Gujarati, Hindi, Kannada, Marathi, Oriya, Punjabi, Sindhi, Tamil, Telugu Urdu, Assamese etc. which included speeches, articles, essays etc. and published in different parts of the country.

Government of India Launches Seva Bhoj Yojana

The Ministry of Culture, Government of India has launched the new scheme namely ‘Seva Bhoj Yojna’ on 01.08.2018, with a total outlay of Rs. 325.00 Crores for Financial Years 2018-19 and 2019-20.

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The scheme envisages to reimburse the Central Government share of Central Goods and Services Tax (CGST) and Integrated Goods and Service Tax (IGST)so as to lessen the financial burden of such as Religious / Charitable Institutions who provide Food/Prasad/Langar (Community Kitchen)/Bhandara free of cost without any discrimination to Public/Devotees.

President launched Logo and Portal for commemoration of 150th Birth Anniversary of Mahatma Gandhi

../Untitled/YER2018/September/42090747_1865609853523043_7776071390720950272_o.jpgThe President of India, Shri Ram Nath Kovind launched the logo and the web portal (http://gandhi.gov.in/) for commemoration of 150th birth anniversary of Father of the Nation, Mahatma Gandhi, at Rashtrapati Bhawan today.

The webportal is participatory in nature and all the participating organizations will be able to upload their activities regarding commemoration on the website. It also has a unique feature Gandhipedia which will be a repository of Gandhian knowledge and will continue to grow with time.

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The two year long celebrations from 2nd October, 2018 to 02nd October, 2020 will be held across the country and all over the globe to mark the 150th birth anniversary of Mahatma Gandhi.

Birth Centenary celebration of Smt. Vijaya Raje Scindia

The Government of India decided to celebrate the birth centenary of Smt. Vijaya Raje Scindia, Rajmata of Gwalior, from 11 October 2018 to 11 October 2019. A commemorative coin of Rs. 100 denomination and commemorative postage stamp is proposed to be released in her honour during the commemoration period.

Rejuvination of Lake and Illumination of Purana Qila inaugurated by Dr. Mahesh Sharma

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The rejuvenated lake and illumination of Purana Qila was inaugurated by Dr. Mahesh Sharma, Minister of State (I/c) for Culture on 3rd October, 2018 in the presence of Smt. The Archaeological Survey of India has initiated several developmental works at Purana Qila since May 2018, which include refurbishment of the moat to the west and northwest of the fort, illumination, landscaping the area, development of a Central Antiquity Museum, upgradation and repairs of existing pathway, installation of publication counter, installation of publication counter, introducing e-ticketing system with turnstile arrangement, conservation of excavated remains, development of garden, parking facility and souvenir shop for the benefit of visitors.

Foundation stone laid for Museum on Prime Ministers of India in Delhi

A “Museum on Prime Ministers of India” is to be set up in Delhi. Union Minister for Culture Dr. Mahesh and Minister for Housing and Urban Affairs Shri Hardeep Singh Puri laid the Foundation stone for proposed Museumat Teen Murti Estate, in New Delhi, on 15th October,2018.

The proposed Museum is to depict Modern India through collections relating to each of the Prime Ministers of India, their lives, works and significant contributions made towards nation building. It will provide an interactive and informative experience to the visitors and youth of India through state of the art audio-visual technology and effective modes of communication.

Celebration of 75th Anniversary of Formation of Azad Hind Governmentin the Presence of Prime Minister

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Prime Minister, Shri Narendra Modi on 21st October,2018, hoisted the National Flag at Red Fort and unveiled the plaque to commemorate the 75th Anniversary of formation of Azad Hind Government, formed by Netaji Subhas Chandra Bose. The commemoration of this significant historical event was also attended by Dr. Mahesh Sharma, Minister of State for Culture(I/c), Shri Chandra Kumar Bose, nephew of Netaji, Shri Lalti Ram, INA Veteran and Brig. R.S. Chikkara.Prime Minister congratulated the nation on the proud occasion of 75thanniversary of formation of Azad Hind Government.

Tagore Culture Award Declared for the years of 2014, 2015 & 2016

../../Users/mediacell/Desktop/images/566The Tagore Award for Cultural Harmony for the years 2014, 2015 & 2016 was conferred on the doyen of Manipuri dance Sh. Rajkumar Singhajit Singh; Chhayanaut (a cultural organization of Bangladesh) and on one of India’s greatest sculptors, Sh. Ram Vanji Sutar, respectively.The Jury under the Chairmanship of Prime Minister, Sh Narendra Modi and comprising of the Chief Justice of India, Justice Ranjan Gogoi, Shri N. Gopalaswami & Dr. Vinay Sahasrabuddhe after detailed discussions on 24th October, 2018 unanimously decided to select Sh. Rajkumar Singhajit Singh, Chhayanaut and Sh. Ram Vanji Sutar to be the recipients of the Tagore Award for the years 2014, 2015 & 2016 respectively, in recognition of their outstanding contribution to cultural harmony.

550th Birth Anniversary Celebration of Shri Guru Nanak Dev ji

Government of India has decided to commemorate 550th Birth Anniversary of Shri Guru Nanak Dev Ji from November, 2018 at national as well as international level in a befitting manner. The Year long Celebration starting Novmber 23rd this year will include a number of commemorative as well as constructive activities will be taken up during the commemoration period. A number of religious activities like kirtan, katha, prabhat pheri, langar and educational activities such as seminars, workshops, lectures etc. will be organised. SGPC, Amritsar will be the knowledge partner of the Government of India. Commemorative coin and postage stamp will also be released.Chairs in the name of Sh. Guru Nanak Dev Ji will be set up in UK and Canada. An international seminar will also be organised. A National Institute of Inter Faith Studies will be set up in Punjab.

South Asia Regional Peace Conference organised by GSDS

Gandhi Smriti and Darshan Samiti (GSDS), has organized a 3 day ‘South Asia Regional Youth Peace Conference’ in partnership with UNESCO- MGIEP and Standing Together to Enable Peace from November 28-30, 2018. The conference held at Gandhi Darshan, Rajghat, Delhi, India. The conference was organized to mark the beginning of celebration of 150th birth anniversary of Mahatma Gandhi.

 

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