वर्षांत समीक्षा 2017-सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय
         
    2017 में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की प्रमुख नीतिगत पहल और उपलब्धियां

 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) संबंधित मंत्रालयों / विभागों, राज्य सरकारों और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर खादी, ग्राम और नारियल उद्योग सहित एमएसएमई क्षेत्र में वृद्धि और विकास को बढ़ावा देने हेतु एक जीवंत एमएसएमई क्षेत्र की कल्पना करता है तथा साथ ही मौजूदा उद्यमों को समर्थन प्रदान करने और नए उद्यमों की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए पूर्ण सहयोग भी प्रदान करता है।

एमएसएमई मंत्रालय के लिए वर्ष 2017 बहुत महत्वपूर्ण रहा है जिसके दौरान एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पहल की गई, जिसमें डिजिटल एमएसएमई योजना का शुभारंभ, एमएसई के समर्थन के लिए पैकेज में वृद्धि हुई, विमुद्रीकरण की पृष्ठभूमि में एमएसएमई को समर्थन देने के लिए कई पहल की गई, आठ शहरों में प्रौद्योगिकी केंद्र स्थापित करने का काम शुरू किया गया, एमएसएमई विलंबित भुगतान पोर्टल का शुभारंभ किया गया और इसके साथ ही सार्वजनिक खरीद पोर्टल की भी शुरूआत की गई।

इस वर्ष के दौरान मंत्रालय के प्रमुख पहलुओं का उल्लेख नीचे दिया गया है:

डिजिटल एमएसएमई योजना का शुभारंभ:

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डिजिटल एमएसएमई स्कीम क्लाउड कंप्यूटिंग पर आधारित है जो एमएसएमई द्वारा स्थापित इन-हाउस आईटी आधारिक संरचना के मुकाबले लागत प्रभावी और व्यवहार्य विकल्प के रूप में उभर रहा है। क्लाउड कंप्यूटिंग में, एमएसएमई इंटरनेट के उपयोग के साथ-साथ टेलर द्वारा बना आईटी आधारिक संरचना का उपयोग करता है जिसमें सॉफ्टवेयर की व्यावसायिक प्रक्रियाओं को प्रबंधित करने के लिए सॉफ्टवेयर होते हैं।

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क्लाउड कंप्यूटिंग हार्डवेयर/सॉफ्टवेयर और बुनियादी सुविधाओं पर निवेश से मुक्त होता है। यह योजना एमएसएमई के नए दृष्टिकोण जैसे आईसीटी प्रक्रिया में क्लाउड कंप्यूटिंग को प्रोत्साहित करता है।

सूक्ष्म और लघु उद्यमों (एमएसई) को समर्थन देने के लिए पैकेज को मंजूरी दी गई—- सूक्ष्म एवं लघु उद्यम क्रेडिट गारंटी निधि ट्रस्ट (सीजीटीएमएसई) समूह के लिए संवर्धित: 

  1. ट्रस्ट की राशि 2,500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 7,500 करोड़ रुपये करना संवर्धित और यह पूरी तरह भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित होगा।
  1. क्रेडिट गारंटी योजना के अंतर्गत ऋण की रकम 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ किया गया।
  1. गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों द्वारा सूक्ष्म और लघु उद्यमों को ऋण को क्रेडिट गारंटी योजना के तहत बढ़ाया गया है।

 विमुद्रीकरण की पृष्ठभूमि में एमएसएमई के लिए की गई पहल: 

  1. सीजीटीएमएसई द्वारा लागू एमएसई के लिए क्रेडिट गारंटी योजना के अंतर्गत आने वाले ऋणों का दायरा 1 करोड़ रूपये से बढ़ा कर 2 करोड़ रुपए कर दिया गया है।
  2. एनबीएफसी द्वारा एमएसएमई को दिए गए ऋण के लिए क्रेडिट गारंटी योजना भी बढ़ा दी गई है।
  3. वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने एमएसई के लिए कार्यशील पूंजी / नकदी ऋण सीमा बढ़ाने के संबंध में बैंकों को परामर्श जारी किया है।

आठ शहरों जैसे-पुड्डुचेरी, विशाखापट्टनम, रोहतक, दुर्ग, बढ्ढी, भिवाड़ी, बेंगलुरू और सितारगंज में प्रौद्योगिकी केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं

एमएसएमई विलम्बित भुगतान पोर्टल—एमएसएमई समाधान  http://samadhaan.msme.gov.in का शुभारंभ: 

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यह पोर्टल देश भर में सूक्ष्म और लघु उद्यमियों को केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों/ सीपीएसई/राज्य सरकारों द्वारा भुगतान में देरी से संबंधित मामलों को सीधे पंजीकृत करने में सक्षम रहेगा।यह पोर्टल सीपीएसई / केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों आदि के साथ एमएसई के व्यक्तिगत लंबित भुगतान के बारे में भी जानकारी देगा।पीएसई के सीईओ और मंत्रालयों के सचिव भी देरी से भुगतान के मामलों की निगरानी कर सकते हैं और मुद्दों को हल करने के लिए आवश्यक निर्देश भी जारी करने के लिए अधिकृत होंगे। पोर्टल विलम्बित भुगतान को अधिक प्रभावी तरीके से निगरानी की सुविधा भी प्रदान करेगा। पोर्टल की जानकारी सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध होगी, जिसके कारण डिफ़ॉल्ट संगठनों पर नैतिक दबाव भी बना रहेगा। एमएसई को भी पोर्टल तक पहुंचने और उनके मामलों की निगरानी करने का भी अधिकार दिया जाएगा।

एमएसई के लिए सरकारी खरीद पोर्टल—-एमएसएमई संबंध http:// sambandh.msme.gov.in का शुभारंभ: 

यह पोर्टल केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) द्वारा एमएसई से सार्वजनिक खरीद के कार्यान्वयन की निगरानी में भी मदद करेगा। इस ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग करते हुए, मंत्रालय और सीपीएसई अपने प्रदर्शन का आकलन भी कर सकते हैं।

लघु और मध्यम उद्यमों और नई पद्धति (खोज) के क्षेत्र में सहयोग के लिए भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू): 

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इस एमओयू से भारतीय एसएमई को काफी फायदा होगा और न्यायसंगत तथा समावेशी विकास को नई दिशा मिलेगी। इसके माध्यम से विदेश में भारतीय एसएमई को सुधार करने और अपनी क्षमता बढ़ाने एवं नई पद्धियों पर काम करने के लिए एक अच्छा अवसर भी मिलेगा। इसके माध्यम से भारतीय एसएमई क्षेत्र को संयुक्त अरब अमीरात के एसएमई क्षेत्र के साथ पारस्परिक रूप से लाभप्रद संबंध बनाने और अपने बाजारों का पता लगाने के लिए एक सुयोग्य अवसर भी मिलेगा।

राष्ट्रीय एससी / एसटी हब योजना के तहत एससी-एसटी उद्यमियों को कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए 4 सेक्टर कौशल परिषदों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गये

राष्ट्रीय एमएसएमई नीति पर रिपोर्ट प्रस्तुत किया गया।

 प्रबंधन विकास संस्थान (एमडीआई), गुरूग्राम द्वारा प्रधान मंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) का मूल्यांकन प्रस्तुत किया गया।

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